


Donald Trump Tariff on Penguins: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल को व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में ‘मुक्ति दिवस’ (Liberation Day) पर भारत समेत 180 देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) लगाने का ऐलान किया. हालांकि 180 देशों की सूची में एक ऐसा भी नाम है, जिस आइलैंड पर कोई इंसान नहीं रहता है. अंटार्कटिका के पास ऑस्ट्रेलियाई सरकार के अधीनस्थ हर्ड द्वीप और मैकडोनाल्ड द्वीप (Heard Island and McDonald Islands) पर भी ट्रंप ने 10 फीसदी टैरफ लगाया है. इस द्वीप सिर्फ पेंगुइन्स का निवास स्थान है. ऐेसे में सवाल उठ रहा कि ट्रंप क्या पेंगुइन्स से टैरिफ वसूलेंगे.
बता दें कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार के अधीनस्थ हर्ड द्वीप और मैकडोनाल्ड द्वीप को पृथ्वी के सबसे निर्जन स्थानों में से एक माना जाता है. ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर से यहां नौका से दो हफ्ते की यात्रा कर पहुंचा जा सकता है और सबसे हैरतअंगेज बात ये है कि यहां कथित तौर पर पिछले एक दशक में किसी भी इंसान ने कदम तक नहीं रखा है.
ऐसे में ट्रंप की ओर से हर्ड द्वीप और मैकडोनाल्ड द्वीप पर टैरिफ लगाने के बाद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने पलटवार करते हुए कहा कि इस धरती पर कोई भी सुरक्षित नहीं है. उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन के टैरिफ का कोई तर्क नहीं है. ये किसी दोस्त का व्यवहार नहीं हो सकता. इस दौरान अल्बनीज ने ये भी कहा कि ऑस्ट्रेलिया प्रतिक्रियास्वरूप अमेरिका पर किसी तरह का रेसिप्रोकल टैरिफ नहीं लगाएगा.
ऑस्ट्रेलिया के अंटार्कटिका प्रोग्राम के तहत पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के फ्रेमैंटल से हर्ड द्वीप पहुंचने में लगभग 10 दिन का समय लगता है और यह मौसम की स्थिति पर निर्भर करता है. यहां पर इंसान नहीं रहते बल्कि यह पेंगुइन, सील और अलग-अलग तरह की पक्षियों की प्रजातियों का रैन बसेरा है.



