


PM नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और विदेश मंत्री एस जयशंकर (S. Jaishankar) दो दिनों को थाईलैंड दौरे पर है. राजधानी बैंकॉक में BIMSTEC का छठा शिखर सम्मेलन आयोजित की गई है. इस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मोहम्मद यूनुस को अपने चीन दौरे पर ‘चिकन नेक’ पर दिए बयान मुंहतोड़ जवाब दिया. भारत ने बांग्लादेश को आईना दिखाते हुए कहा कि हम बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए BIMSTEC के संबंध में अपनी जिम्मेदारी से अवगत है. बंगाल की खाड़ी में सबसे लंबी तटरेखा भी भारत की है, जो लगभग 6,500 किलोमीटर है.
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि हमारे पास बंगाल की खाड़ी में लगभग 6500 किलोमीटर की सबसे लंबी तटरेखा है. हमारा पूर्वोत्तर क्षेत्र सड़कों, रेलवे, जलमार्ग, ग्रिड और पाइपलाइनों के नेटवर्क के साथ बिम्सटेक के लिए कनेक्टिविटी केंद्र के रूप में उभर रहा है.
विदेश मंत्री ने कहा, त्रिपक्षीय राजमार्ग का पूरा होना भारत के उत्तर पूर्व को प्रशांत महासागर तक जोड़ देगा. यह एक वास्तविक गेम-चेंजर है. इस बात के प्रति हम सचेत हैं कि इस बड़े भूगोल में वस्तुओं, सेवाओं और लोगों के सुचारू प्रवाह के लिए हमारा सहयोग और सुविधा एक आवश्यक शर्त है. इस भूरणनीतिक कारक को ध्यान में रखते हुए हमने पिछले दशक में BIMSTEC को मजबूत करने के लिए बढ़ती ऊर्जा और ध्यान समर्पित किया है.
चिकन नेक पर मोहम्मद यूनुस ने क्या कहा?
दरअसल बांग्लादेश सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने अपने चार दिवसीय चीन के यात्रा के दौरान बीजिंग को चिकन नेक इलाके में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया था. मोहम्मद यूनुस ने कहा “भारत के सात पूर्वोत्तर राज्यों को सेवन सिस्टर्स के रूप में जाना जाता है. यह एक भूमि से घिरा क्षेत्र है, जिसकी समुद्र तक कोई पहुंच नहीं है. बांग्लादेश उनके लिए समुद्र तक पहुंच का मार्गदर्शक है. उन्होंने कहा आगे कहा, यह एक बड़ी संभावनाओं का द्वार खोलता है.” यह स्थिति चीन की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा अवसर खोलती है.



