


Ranchi.पुलिस ने भारतीय सेना के नाम पर फर्जी मुहर बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस मामले में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. उनके पास से भारी मात्रा में फर्जी रबर स्टांप, मोबाइल, कम्प्यूटर उपकरण समेत अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है. गिरफ्तार लोगों में बिहार के कैमूर निवासी सर्वेश सिंह और रांची के पीपी कंपाउंड निवासी आशीष दास शामिल हैं, पुलिस को जानकारी मिली थी कि वे लोग मिलिट्री हॉस्पिटल नामकुम परिसर में राठौर जनरल स्टोर नामक एक फर्जी संस्था के माध्यम से भारतीय सेना के उच्च अधिकारियों के स्टांप बनाकर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं.
यह कार्य उनलोगों द्वारा पिछले चार वर्षों से किया जा रहा था. यह जानकारी डीआइजी सह एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने प्रेस काॅन्फ्रेंस में दी. इस दौरान मुख्यालय-वन डीएसपी अमर कुमार पांडेय भी उपस्थित थे. यह छापेमारी लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस की विशेष सूचना के आधार पर की गयी. उनके पास से भारी मात्रा में रबर स्टांप एवं प्रीइंक्ड फाल्स स्टांप , पोको कंपनी का मोबाइल फोन, एक सादा कागज पर मोहर बनाने का नमूना, दुकानदार को स्टांप मुहर बनाने के लिए दिया गया वाट्सअप का स्क्रीन शॉट कंप्यूटर आदि बरामद किया गया.
एसएसपी ने बताया कि सूचना की संवेदनशीलता को देखते हुए नामकुम थाना की एक टीम का गठन किया गया. मिलिट्री हॉस्पिटल नामकुम परिसर में स्थित राठौर जनरल स्टोर में छापेमारी की गयी. राठौर जनरल स्टोर के मालिक सर्वेश कुमार सिंह से पुलिस ने भारतीय सेना के मुहर बनाने के लिए प्राधिकार पत्र एवं अन्य वैध कागजात की मांग की, लेकिन उसने कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किया. उसके बाद सभी सामान को जब्त कर लिया. सर्वेश कुमार सिंह की निशानदेही पर स्टांप बना कर उपलब्ध कराने वाले दास साउंड नामक दुकान के संचालक आशीष दास को गिरफ्तार किया गया.
उसकी दुकान से कंप्यूटर जब्त किया गया. अभियुक्त ने अपना अपराध स्वीकार किया. पूछताछ में सर्वेश कुमार सिंह ने पुलिस को बताया कि वह हमेशा नामकुम मिलिट्री स्टेशन के पदाधिकारियों का कार्यालय मुहर बनाता था. रांची पुलिस मामले में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की बिंदु पर भी छानबीन कर रही है.



