


JAMSHEDPUR. काशीडीह मारवाड़ी समाज को स्थानीय स्तर पर संगठित करने एवं प्रत्येक सदस्य को एकजुट करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जो समाज को मजबूत बनाने तथा जनसंपर्क को सशक्त करने की दिशा में एक अभिनव प्रयास है. इसी उद्देश्य के तहत काशीडीह मारवाड़ी समाज को आधिकारिक रूप प्रदान करने वास्ते काशीडीह में ही एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सुरेश अग्रवाल को सर्वसम्मिति से अध्यक्ष चुना गया.
इस निर्वाचन का उद्देश्य है कि समाज के हर सदस्य को उसकी भूमिका एवं भागीदारी का अवसर दिया जाए, ताकि वह समाज की गतिविधियों में प्रत्यक्ष रूप से शामिल हो सके. इस चुनाव के माध्यम से समाज को केवल संगठित ही नहीं किया जाएगा, बल्कि यह एक ऐसा मंच बनेगा जहां स्थानीय समस्याओं का समाधान, सामाजिक कार्यों का विस्तार, युवा पीढ़ी की भागीदारी और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी.

काशीडीह मारवाड़ी समाज का गठन क्यों
काशीडीह मारवाड़ी समाज द्वारा कई समारोह आयोजित किये जाते हैं, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण होलिका दहन का कार्यक्रम है, जिसमें हजारों की संख्या में स्थानीय मारवाड़ी समाज के लोग भाग लेते हैं.
काशीडीह मारवाड़ी समाज का यह चुनाव न केवल समाज की एकता को मजबूती देगा, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर समाज की नई पीढ़ी को नेतृत्व का अवसर मिलेगा. यह पहल आने वाले वर्षों में समाज को एक नई दिशा देने में मील का पत्थर सिद्ध होगा. नवनिर्वाचित अध्यक्ष
मारवाड़ी समाज के विभिन्न घटक वर्षों से सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं. लेकिन बदलते सामाजिक परिवेश एवं तकनीकी युग में अब आवश्यकता है कि समाज के प्रत्येक सदस्य की सहभागिता सुनिश्चित की जाए और स्थानीय स्तर पर निर्वाचित पदाधिकारी समाज के विकास हेतु अधिक उत्तरदायित्वपूर्ण एवं पारदर्शीतापूर्वक कार्य कर सकें.
काशीडीह मारवाड़ी समाज का एक प्रमुख उद्देश्य यह भी है कि समाज के सभी वर्गों – वरिष्ठजनों, युवाओं, महिलाओं एवं अंतिम पंक्ति में खड़ा आखिरी व्यक्ति को एक ही मंच पर लाया जा सके. इससे समाज की समन्वय शक्ति बढ़ेगी और हर स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया सरल और प्रभावशाली होगी. इसके साथ ही सामाजिक कार्यों जैसे – विवाह सहायता, शिक्षा में सहयोग, चिकित्सा सहायता, व्यवसायिक मार्गदर्शन, एवं अन्य सामाजिक हित के कार्यों को प्रभावी रूप से लागू किया जा सकेगा और हर किसी के मान-सम्मान की रक्षा की जाएगी.
नए पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी की सूची
संरक्षक
- श्री रुलीराम अग्रवाल
- श्री जगन्नाथ जैन
- श्री मुरारी लाल गोयल
- श्री सत्यनारायण अग्रवाल
- श्री नरेश खंडेलवाल
- श्री विजय शंकर खेमका
पदाधिकारी
- अध्यक्ष – श्री सुरेश अग्रवाल
- वरीय उपाध्यक्ष – श्री संजय अग्रवाल ( पिंटू )
- उपाध्यक्ष – श्री संजय शर्मा
श्री मनोज चेतानी
श्रीमती संतोष माहेश्वरी - महासचिव – श्री अंकित मोदी
- सचिव – श्रीमती बिंदिया नरेडी
श्रीमती संगीता शर्मा - कोषाध्यक्ष – श्री पवन अग्रवाल ( गुड्डू )
सह कोषाध्यक्ष – श्री श्याम गोयल
कार्यकारिणी सदस्य –
- श्री लक्ष्मीनारायण बंसल
- श्री प्रमोद अग्रवाल
- श्री मनोज माहेश्वरी
- श्री प्रमोद अग्रवाल ( बंटी )
- श्री संजय शर्मा
- श्री श्याम सुंदर अग्रवाल
- श्री राकेश अग्रवाल
- श्री आशीष अग्रवाल
- श्री कैलाश अग्रवाल
- श्री संतोष गोठवाल ( मोनू )
- श्री निर्मल पटवारी
- श्री विनोद खेमका (CA)
- श्री कमल खेमका (CA)
- श्री पीयूष अग्रवाल
- श्री संजय भोलिका
- श्रीमती गंगा खेमका
- श्रीमती स्वाति अग्रवाल
- श्रीमती राखी शर्मा
- श्रीमती अनुपमा मिश्रा
मारवाड़ी समाज काशीडीह के कार्यक्रम में श्री सुरेश अग्रवाल, श्री संजय अग्रवाल ( पिंटू ), श्री संजय शर्मा, श्रीमती संतोष माहेश्वरी, श्री अंकित मोदी, श्रीमती बिंदिया नरेडी, श्री भरत अग्रवाल, श्रीमती संगीता शर्मा, श्री पवन अग्रवाल ( गुड्डू ), श्री श्याम गोयल, श्री लक्ष्मीनारायण बंसल ( पप्पू), श्री प्रमोद अग्रवाल, श्री मनोज माहेश्वरी, श्री प्रमोद अग्रवाल ( बंटी ), श्री संजय शर्मा, श्री श्याम सुंदर अग्रवाल, श्री राकेश अग्रवाल, श्री आशीष अग्रवाल, श्री कैलाश अग्रवाल, श्री संतोष गोठवाल ( मोनू ), श्री निर्मल पटवारी, श्री विनोद खेमका (CA), श्री कमल खेमका (CA), श्री पीयूष अग्रवाल, श्री संजय भोलिका, श्रीमती गंगा खेमका, श्रीमती स्वाति अग्रवाल, श्रीमती राखी शर्मा, श्रीमती अनुपमा मिश्रा, श्री रूलिराम अग्रवाल, श्री जगन्नाथ जैन, श्री मुरारी लाल गोयल, श्री सत्यनारायण अग्रवाल, श्री कैलाश केवलका, श्री प्रदीप मिश्रा एवं श्री अशोक मिश्रा के साथ-साथ भारी संख्या में काशीडीह मारवाड़ी समाज के लोग उपस्थित रहे.
काशीडीह मारवाड़ी समाज का यह चुनाव न केवल समाज की एकता को मजबूती देगा, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर समाज की नई पीढ़ी को नेतृत्व का अवसर मिलेगा. यह पहल आने वाले वर्षों में समाज को एक नई दिशा देने में मील का पत्थर सिद्ध होगा.



