


Chaibasa. सारंडा जंगल में घायल हाथी को वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शनिवार को रेस्क्यू कर लिया. गुजरात की वनतारा की चिकित्सकों की टीम हाथी के इलाज में जुट गयी है. शुक्रवार को हाथी जिस स्थान पर देखा गया था, शनिवार सुबह में उस स्थान पर नहीं मिला. कड़ी मशक्कत के बाद ड्रोन की मदद हाथी की खोजबीन की गई. इसके बाद ग्रामीणों की टीम बनाकर उसे नाला पार से सुरक्षित स्थान पर लाया. इसके बाद उसे बेहोश करने में टीम को सफलता हाथ लगी.
इसके बाद हाथी का प्राथमिक इलाज शुरू किया गया. चिकित्सकों ने उसके बाएं पैर के जख्म को साफ किया. हाथी की स्थिति को देखते हुए उसका संपूर्ण इलाज जंगल में संभव नहीं था. इसे देखते हुए विभाग द्वारा कई गाड़ियां मंगायी गयी. इसमें 2 हाइड्रा, 1 जेसीबी, 1 हाइवा और अन्य वाहन शामिल थे. प्राथमिक इलाज के बाद हाथी को बेहतर इलाज के लिए दूसरे स्थान में शिफ्ट किया जायेगा. गुजरात के वनतारा आश्रय स्थल के चिकित्सक डॉ तेनजिंग ने बताया कि वे अपनी टीम के साथ यहां पहुंचे हैं. हाथी के इलाज में जितना समय लगेगा, वो करेंगे. ओडिशा वाइल्ड लाइफ की रैपिड रिस्पांस टीम भी मौके पर मौजूद थी. मौके पर आरसीसीएफ स्मिता पंकज, डीएफओ (सारंडा) अभिरूप सिन्हा, वन क्षेत्र पदाधिकारी रामानंदन राम, शंकर भगत, परमानंद रजक समेत वनरक्षी और वनपाल मौजूद थे.



