


जमशेदपुर
करीम सिटी कॉलेज, साकची, जमशेदपुर के दर्शनशास्त्र विभाग ने ‘भारतीय दर्शन दिवस’ के अवसर पर छात्र-छात्राओं के दरमियान एक निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जिसमें काॅलेज के 20 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और दिए हुए विषय पर निबंध ले लिखकर जमा किया। इस निबंध लेखन प्रतियोगिता का विषय था- “वर्तमान युग में भारतीय दर्शन की प्रासंगिकता”।
प्रतियोगिता प्रारंभ होने से पहले इतिहास विभाग की अध्यक्षा डॉ कौसर तस्नीम ने लेखन से संबंधित कुछ आवश्यक निर्देश देते हुए यह बताया कि इस प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं को भारतीय दर्शन दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले समारोह में प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम के कन्वीनर डॉ मो मुजाहिदुल हक ने बताया कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य यह है कि हमारे विद्यार्थी दर्शनशास्त्र की अहमियत को समझ सकें क्योंकि दर्शनशास्त्र हमें विभिन्न दृष्टिकोणों से किसी भी विषय या समस्या का विश्लेषण करना सिखाता है। यह हमें पूर्वाग्रहों और मान्यताओं से परे देखने और तार्किक रूप से सोचने में मदद करता है।
करीम सिटी कॉलेज में “द स्टोरी लेन’ का आयोजन
करीम सिटी कॉलेज, जमशेदपुर में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के सहयोग से “स्पार्क” ने अपने बहुप्रतीक्षित वार्षिक अंग्रेजी कहानी-कथन कार्यक्रम, द स्टोरी लेन, का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यक्रम में छात्रों और शिक्षकों ने भाग लिया और कथा-कथन की शक्ति और कहानी-कथन की कला का जश्न मनाया।
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के अंग्रेजी एवं सांस्कृतिक अध्ययन विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव एस. दयाल की उपस्थिति रही, जिन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में इस अवसर की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज़ के गर्मजोशी भरे स्वागत भाषण से हुई, जिन्होंने छात्रों में साहित्यिक अभिव्यक्ति और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के संस्थान के निरंतर प्रयासों पर गर्व व्यक्त किया।
डॉ. रेयाज़ ने शिक्षा में कहानी-कथन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “कथाएँ न केवल सांस्कृतिक विरासत का प्रतिबिंब हैं, बल्कि छात्रों में सहानुभूति, कल्पनाशीलता और संचार कौशल विकसित करने का एक साधन भी हैं।”




