


Ranchi. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने शनिवार को कहा कि उन्होंने झारखंड के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, देवघर के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के खिलाफ संविधान के अनुच्छेद 105 के तहत विशेषाधिकार हनन का मामला दायर किया है और अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को चुनौती दी है. झारखंड पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि उसने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे व मनोज तिवारी और अन्य के खिलाफ दो अगस्त को देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर के गर्भगृह में जबरन प्रवेश करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है.
दुबे ने देवघर में संवाददाताओं से कहा, कानून के अनुसार, मैं एक सांसद होने के नाते बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर का ट्रस्टी हूं. मैं पुजारी से एक कदम आगे हूं. आखिर किस आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई?
दुबे ने बताया कि वह गिरफ्तारी देने के लिए बाबा मंदिर थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने से इनकार कर दिया. दुबे ने ‘एक्स’ पर कहा, मेरे खिलाफ 51 मामले दर्ज हैं. मैंने झारखंड के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, देवघर के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के खिलाफ संविधान के अनुच्छेद 105 के तहत विशेषाधिकार हनन का मामला दायर किया है.



