


Ranchi. झारखंड पिछड़ा वर्ग आयोग ने हाइकोर्ट के निर्देश के तहत ‘ट्रिपल टेस्ट’ प्रक्रिया पूरी कर ली है, जो शहरी निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण की सीमा तय करने के लिए आवश्यक थी. आयोग के अध्यक्ष जानकी प्रसाद यादव ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. इस घटनाक्रम से राज्य में लंबे समय से लंबित नगर निकाय चुनावों का रास्ता साफ हो सकता है.
ये चुनाव ओबीसी आरक्षण की स्पष्टता न होने के कारण 2020 से कम से कम 13 नगर निकायों में रुके हुए हैं. अन्य 35 नगर निकायों का कार्यकाल मार्च-अप्रैल 2023 में समाप्त हो चुका है. यादव ने कहा कि आयोग को सेंट जेवियर्स कॉलेज की विशेषज्ञ टीम द्वारा तैयार एक व्यापक सामाजिक आकलन रिपोर्ट प्राप्त हुई है. वर्तमान में हम रिपोर्ट का अध्ययन कर रहे हैं और इसे सितंबर की शुरुआत में मुख्यमंत्री या उनके द्वारा नामित किसी अधिकारी को सौंप देंगे.’’
उन्होंने कहा कि समिति ने राज्य सरकार द्वारा सौंपे गए कार्य को पूरा कर लिया है, जिसमें राज्य में ओबीसी की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक भागीदारी का अद्यतन मूल्यांकन शामिल है.



