


Kolkata: पश्चिम बंगाल में शिक्षा व्यवस्था एक गंभीर संकट से जूझ रही है. राज्य के मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों सहित लगभग 460 कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया रुकी हुई है. इस अनिश्चितता ने छात्रों, अभिभावकों और कॉलेज प्रशासन को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है. इस मुद्दे पर पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय ने राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की है.
पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय का सरकार पर सीधा आरोप
शुक्रवार को अपने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में तथागत रॉय ने इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने लिखा कि दाखिला प्रक्रिया बाधित होने का मुख्य कारण एक समुदाय विशेष के लिए ओबीसी आरक्षण लागू करने की सरकार की कोशिश है, जिसे अदालत ने मंजूरी देने से साफ इनकार कर दिया है.
शिक्षा व्यवस्था को भारी नुकसान
रॉय ने कहा है कि इस तरह के फैसले से शिक्षा व्यवस्था को भारी नुकसान हो रहा है. उन्होंने अपने पोस्ट में इस बात पर जोर दिया है कि ऐसा नुकसान न तो पूर्व मुख्यमंत्री स्व. ज्योति बसु के शासन में हुआ था और न ही सुहरावर्दी के समय. उन्होंने आगे कहा है कि देश के किसी भी अन्य हिस्से में शिक्षा व्यवस्था को इस तरह की क्षति नहीं पहुंची है.0
तथागत रॉय ने इस गंभीर स्थिति पर राज्य के तथाकथित बुद्धिजीवियों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए. उनका आरोप है कि जब शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र पर इस तरह का नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, तब भी ये बुद्धिजीवी चुप हैं. यह स्थिति न सिर्फ छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रही है, बल्कि राज्य की शैक्षणिक साख पर भी सवाल खड़े कर रही है.



