


Kolkata. कोलकाता की सबसे युवा फुटबॉल कहानी ईस्ट बंगाल या मोहन बागान नहीं, बल्कि एक तीन साल पुरानी टीम लिख रही है, जो हाल तक मुश्किल से एक ज़िला टीम थी. तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी के समर्थन से 2020 में स्थापित डायमंड हार्बर एफसी ने डूरंड कप सेमीफाइनल में ईस्ट बंगाल को हराकर बाहर कर दिया.
‘जाइंट किलर’ डायमंड हार्बर एफसी की नजरें पदार्पण वर्ष में डूरंड कप खिताब जीतने वाली पहली टीम बनने पर लगी होंगी लेकिन इसके लिये उसे शनिवार को फाइनल में नॉर्थईस्ट युनाइटेड एफसी जैसे धुरंधर को हराना होगा. इस साल का खिताबी मुकाबला इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि दोनों टीमों के पास इतिहास रचने का मौका है.
नॉर्थईस्ट युनाइटेड अगर जीतती है तो यह उसका लगातार दूसरा डूरंड कप खिताब होगा और पिछले 34 साल में कोई टीम ऐसा करने में कामयाब नहीं हुई हो. पिछली बार ईस्ट बंगाल ने 1989, 1990 और 1991 में जीत की हैट्रिक लगाई थी. वहीं पहली बार डूरंड कप खेल रही डायमंड हार्बर अगर जीतती है तो आधुनिक दौर में पदार्पण के साथ एशिया की सबसे पुरानी फुटबॉल ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बन जायेगी.
नॉर्थईस्ट के मुख्य कोच जुआन पेड्रो बेनाली ने कहा कि डायमंड हार्बर ने खिताब की प्रबल दावेदार ईस्ट बंगाल को हराया है. मुझे नहीं लगता कि हमारा पलड़ा भारी है. यह फाइनल है और इसमें कोई फेवरिट नहीं होता, जो टीम मानसिक रूप से मजबूत होकर खेलेगी, वह जीतेगी. डायमंड हार्बर के कोच किबु विकुना ने कहा कि हम चैम्पियंस के खिलाफ खेल रहे हैं जिनके पास अच्छी टीम है. हम तैयार हैं और दबाव को सकारात्मक लेंगे. कोई अतिरिक्त दबाव नहीं है.



