


Ranchi : निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव की अधिसूचना के साथ ही देश के आठ राज्यों में विधानसभा उपचुनाव कराने का ऐलान किया है. आयोग के डिप्टी डायरेक्टर पी. पवन द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि बिहार के साथ झारखंड, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, तेलंगाना, पंजाब, मिजोरम और उड़ीसा की सीटों पर भी उपचुनाव होंगे. झारखंड की घाटशिला, जम्मू-कश्मीर की बपदवाम और नगरौटा, राजस्थान की अंटा, तेलंगाना की जुबली हिल्स, पंजाब की तरनतारन, मिजोरम की डंपा और उड़ीसा की नौपदा सीटों पर उपचुनाव होना तय हुआ है.
चुनाव की निगरानी के लिए आयोग ने 470 अधिकारियों को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाने का निर्णय लिया है. इनमें 320 आईएएस, 60 आईपीएस और 90 आईआरएस, आईआरएएस व आईसीएस सेवा के अधिकारी शामिल होंगे. आयोग ने झारखंड कैडर से भी अधिकारियों के नाम मांगे हैं, लेकिन किन्हें पर्यवेक्षक बनाया जाएगा, इसका औपचारिक ऐलान अभी नहीं हुआ है.
झारखंड में घाटशिला सीट सबसे ज्यादा सुर्खियों में है. यहां झामुमो विधायक और मंत्री रहे रामदास सोरेन के निधन के बाद उपचुनाव कराया जा रहा है. सीट खाली होने से इलाके में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है. झामुमो ने दिवंगत विधायक के पुत्र सोमेश सोरेन को उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया है. दूसरी ओर भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन को प्रत्याशी घोषित किया है. दोनों ही नेता अपने-अपने दलों की ओर से प्रचार अभियान तेज कर चुके हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि घाटशिला उपचुनाव में लड़ाई दिलचस्प रहेगी. जहां झामुमो गठबंधन (इंडिया) स्वर्गीय रामदास सोरेन की विरासत को भुनाने की कोशिश करेगा, वहीं भाजपा संगठनात्मक ताकत और चंपाई सोरेन के राजनीतिक कद के सहारे मुकाबले को बराबरी पर लाने की रणनीति में है.



