


New Delhi. कंपनियों के लिए आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) का आकर्षण तेजी पकड़ रहा है। मर्चेंट बैंकरों का कहना है कि अगले दो माह के दौरान आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी, मीशो और जुनिपर ग्रीन एनर्जी समेत दो दर्जन और कंपनियां अपना सार्वजनिक निर्गम लाने की तैयारी कर रही हैं. इन आईपीओ के जरिये करीब 40,000 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं. इस मजबूत पाइपलाइन में कृत्रिम मेधा (एआई) कंपनी फ्रैक्टल एनालिटिक्स, होम और स्लीप समाधान ब्रांड वेकफिट इनोवेशंस, प्रौद्योगिकी आधारित सुरक्षा और निगरानी कंपनी इनोवेटिवव्यू इंडिया और हॉस्पिटल श्रृंखला पार्क मेडी वर्ल्ड जैसे बड़े नाम शामिल हैं.
यह स्थिति न केवल कंपनियों के भरोसे को दर्शाती है बल्कि निवेशकों की सूचीबद्धता के दिन के लाभ के साथ दीर्घावधि की संभावना को लेकर विश्वास को भी दर्शाती है. खास बात यह है आगामी सप्ताहों में बड़ी, मझोली और छोटी सभी आकार की कंपनियां आईपीओ लाने की तैयारी कर रही हैं.
विशेषज्ञ इस रफ्तार का श्रेय बढ़ती खुदरा भागीदारी और घरेलू स्तर पर बढ़ते प्रवाह को देते हैं. इस साल अब तक 96 कंपनियां शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई हैं. इन कंपनियों ने आईपीओ से 1.6 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं. इनमें से 40 से ज़्यादा कंपनियां अकेले पिछले तीन महीने में सूचीबद्ध हुई हैं, जो प्राथमिक बाजार में बढ़ती गतिविधियों को दर्शाता है. आईपीओ के जरिये धन जुटाने वाली कंपनियां इस राशि का खर्च अपनी विस्तार योजनाओं को आगे बढ़ाने, पूंजीगत व्यय, कर्ज भुगतान और सामान्य कंपनी कामकाज के लिए करेंगी.



