


Ranchi. झारखंड शराब घोटाले में उत्पाद विभाग के तत्कालीन आयुक्त और फिलहाल रामगढ़ फैज अक अहमद का बयान दर्ज किया गया. एसीबी कोर्ट की अनुमति के बाद उनका बयान दर्ज हुआ. कोर्ट ने उनका बयान दर्ज करवाने के लिए मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की और मजिस्ट्रेट के समक्ष फैज अक अहमद का 164 का बयान दर्ज किया गया. बयान दर्ज होने के बाद उसे सीलबंद कर दिया गया है.फैज अक अहमद ने अपने बयान में शराब घोटाला से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. उन्होंने अपने बयान में IAS अधिकारी और तत्कालीन उत्पाद विभाग के सचिव विनय चौबे का पूरा कच्चा चिट्ठा कोर्ट के समक्ष खोल दिया है.
इससे पहले जमशेदपुर के उपायुक्त (डीसी) और वरिष्ठ आइएएस अधिकारी कर्ण सत्यार्थी ने कोर्ट में दिए अपने बयान में तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय चौबे पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे. कर्ण सत्यार्थी ने न्यायालय के समक्ष स्वीकार किया कि उत्पाद सचिव रहते हुए विनय चौबे ने झारखंड स्टेट बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड और उत्पाद विभाग पर पूरी तरह अपना नियंत्रण बना रखा था. किसी अन्य अधिकारी को उन्होंने स्वतंत्र रूप से काम नहीं करने दिया. विनय चौबे ने उन कंपनियों को भुगतान करने का दबाव बनाया, जिन्हें थोक शराब बिक्री का लाइसेंस और मैनपावर सप्लाई का काम मिला था.



