Close Menu
Lahar ChakraLahar Chakra
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) YouTube Instagram
    Lahar ChakraLahar Chakra
    • Home
    • Jamshedpur
    • State
      • Jharkhand
      • Bihar
    • National
    • Politics
    • Crime
    • Elections
    • Automobile
    Lahar ChakraLahar Chakra
    Home»Breaking News»South East Central Railway :रेलवे ने अपनाई अभिनव तकनीक, 760 मीट्रिक टन बो-स्ट्रिंग गर्डर सफलतापूर्वक स्थापित
    Breaking News

    South East Central Railway :रेलवे ने अपनाई अभिनव तकनीक, 760 मीट्रिक टन बो-स्ट्रिंग गर्डर सफलतापूर्वक स्थापित

    News DeskBy News DeskMarch 6, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Email LinkedIn
    Follow Us
    Google News Flipboard
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Email

    बिलासपुर।
    दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने रेलवे अवसंरचना विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि हासिल की है। गति शक्ति इकाई, नागपुर की पहल पर मध्य प्रदेश के बालाघाट–वारासिवनी रेलखंड पर बन रहे रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) में लगभग 760 मीट्रिक टन वजनी बो-स्ट्रिंग गर्डर को आधुनिक तकनीक के माध्यम से सफलतापूर्वक स्थापित किया गया। यह कार्य भारतीय रेलवे में एक नई तकनीकी मिसाल माना जा रहा है।

    घनी आबादी वाले क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण कार्य

    यह गर्डर समपार संख्या BK-25 के स्थान पर बनाए जा रहे आरओबी के लिए लगाया गया है। वारासिवनी क्षेत्र घनी आबादी वाला इलाका है, जहां रेलवे लाइन के आसपास कई भवन मौजूद हैं और कार्यस्थल भी काफी सीमित था। इसके अलावा पुल की संरचना स्क्यू एलाइनमेंट पर होने के कारण पारंपरिक तरीकों से गर्डर लॉन्च करना काफी कठिन था।

    आमतौर पर ऐसे मामलों में एंड-लॉन्चिंग तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिसमें कई दिनों तक ट्रेन की गति पर प्रतिबंध लगाना पड़ता है और कई बार ट्रैफिक ब्लॉक भी लेना पड़ता है। इससे रेल यातायात पर असर पड़ने की आशंका रहती है।

    1600 टन क्षमता की क्रॉलर क्रेन का प्रयोग

    इन चुनौतियों को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने आधुनिक इंजीनियरिंग समाधान अपनाया। इसके तहत 1600 मीट्रिक टन क्षमता वाली क्रॉलर माउंटेड क्रेन का उपयोग करते हुए 72 मीटर स्पान वाले भारी बो-स्ट्रिंग गर्डर को सीधे उठाकर निर्धारित स्थान पर स्थापित किया गया।यह अत्याधुनिक तकनीक रेलवे परियोजनाओं में भारी संरचनाओं को सुरक्षित और तेज गति से स्थापित करने में काफी उपयोगी साबित हो रही है।

    Hemant Soren: हेमंत सोरेन ने अभिषेक बनर्जी पर हमले की निंदा की, कहा- लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं

    एक ही ट्रैफिक ब्लॉक में पूरा हुआ कार्य

    सुव्यवस्थित योजना और इंजीनियरों के बेहतर समन्वय के कारण यह पूरा कार्य केवल एक ट्रैफिक-कम-पावर ब्लॉक में ही पूरा कर लिया गया। इसके कारण ट्रेन संचालन पर किसी प्रकार का लंबा असर नहीं पड़ा और यात्रियों को भी किसी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यदि पारंपरिक तकनीक अपनाई जाती तो लगभग 30 दिनों तक स्पीड प्रतिबंध लगाना पड़ सकता था और कई ट्रैफिक ब्लॉक लेने पड़ते। आधुनिक तकनीक के उपयोग से यह समय और संसाधन दोनों की बचत संभव हो सकी।

    भारतीय रेल में पहली बार हुआ ऐसा प्रयोग

    दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अनुसार, भारतीय रेलवे में यह पहली बार है जब इतने भारी बो-स्ट्रिंग गर्डर को स्थापित करने के लिए 1600 टन क्षमता की क्रॉलर क्रेन का उपयोग किया गया है। यह उपलब्धि भविष्य में घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रेलवे परियोजनाओं के तेज, सुरक्षित और कुशल क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त करेगी।

    LPG Price Hike: पहली जून से महंगाई का झटका, कामर्शियल एलपीजी सिलेंडर 42 रुपये महंगा, घरेलू रसोई गैस की दरों में बदलाव नहीं

    दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश के मार्गदर्शन में रेलवे परियोजनाओं में आधुनिक तकनीक और नवाचार को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य रेलवे संरचना को और मजबूत बनाते हुए यात्रियों को सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय सेवाएं प्रदान करना है।

     

    WhatsApp Channel Join Now
    Telegram Group Join Now
    1600 ton crawler crane India 760 metric ton girder launch 760 मीट्रिक टन बो-स्ट्रिंग गर्डर सफलतापूर्वक स्थापित Balaghat Waraseoni railway line Bow String Girder installation crawler crane technology railway Gati Shakti Unit Nagpur heavy girder launching technology Indian railway bridge construction Indian railway mega engineering project Indian Railways Infrastructure Railway bridge technology India. railway engineering innovation railway infrastructure development India railway ROB project India railway safety and modernization Road Over Bridge construction SECR Bilaspur SECR news India South East Central Railway South East Central Railway Nagpur unit South East Central Railway News दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे समाचार बालाघाट वारासिवनी रेलखंड बो स्ट्रिंग गर्डर स्थापना भारतीय रेल अवसंरचना विकास भारतीय रेलवे परियोजना रेलवे इंजीनियरिंग तकनीक रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर न्यूज़ रेलवे क्रॉलर क्रेन तकनीक रेलवे रोड ओवर ब्रिज निर्माण रेलवे सुरक्षा और आधुनिकीकरण
    Share. Facebook Twitter WhatsApp LinkedIn Telegram Email Copy Link
    News Desk

    Related Posts

    Hemant Soren: हेमंत सोरेन ने अभिषेक बनर्जी पर हमले की निंदा की, कहा- लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं

    June 1, 2026

    LPG Price Hike: पहली जून से महंगाई का झटका, कामर्शियल एलपीजी सिलेंडर 42 रुपये महंगा, घरेलू रसोई गैस की दरों में बदलाव नहीं

    June 1, 2026

    INTUC President Election: मजदूरों की बुलंद आवाज बनेंगे पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू, इंटक महाधिवेशन में चुने गए राष्ट्रीय अध्यक्ष

    June 1, 2026
    Recent Post

    Hemant Soren: हेमंत सोरेन ने अभिषेक बनर्जी पर हमले की निंदा की, कहा- लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं

    June 1, 2026

    LPG Price Hike: पहली जून से महंगाई का झटका, कामर्शियल एलपीजी सिलेंडर 42 रुपये महंगा, घरेलू रसोई गैस की दरों में बदलाव नहीं

    June 1, 2026

    INTUC President Election: मजदूरों की बुलंद आवाज बनेंगे पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू, इंटक महाधिवेशन में चुने गए राष्ट्रीय अध्यक्ष

    June 1, 2026

    Share Bazar: शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल, जानें कंपनियों के शेयर का हाल?

    June 1, 2026

    Jamahedpur: पूर्वी सिंहभूम जिला में वैध तरीके से बालू उठाव का रास्ता साफ, जिला खनन कार्यालय ने जारी किया परिवहन चालान

    June 1, 2026
    Advertisement
    © 2026 Lahar Chakra. Designed by Forever Infotech.
    • Privacy Policy
    • Terms
    • Accessibility

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Join Laharchakra Group