


New Delhi पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच फारस की खाड़ी में फंसे भारतीय ध्वज वाले 22 जहाजों पर 16.7 लाख टन कच्चा तेल, 3.2 लाख टन एलपीजी और लगभग दो लाख टन एलएनजी लदा हुआ है। पोत परिवहन मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि ये जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आगे जाने का इंतजार कर रहे हैं। सिन्हा ने बताया कि शुरू में पश्चिम एशिया में युद्ध भड़कने के समय भारतीय जहाज वाले 28 जहाज इस जलडमरूमध्य में मौजूद थे। इनमें से 24 जहाज जलडमरूमध्य के पश्चिमी किनारे पर जबकि चार जहाज पूर्वी किनारे पर थे। पिछले सप्ताह, दोनों किनारों से दो-दो जहाज सुरक्षित निकलने में सफल रहे।
उन्होंने कहा कि अब भारतीय ध्वज वाले 22 जहाज पश्चिमी किनारे पर फंसे हैं और उन पर सवार सभी 611 नाविक सुरक्षित हैं। फंसे जहाजों में छह एलपीजी वाहक, एक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) टैंकर, चार कच्चा तेल टैंकर, एक रासायनिक उत्पाद वाहक, तीन कंटेनर जहाज और दो थोक मालवाहक शामिल हैं।
इसके अलावा एक ड्रेजर, एक खाली जहाज और तीन जहाज सूखी गोदी में रखरखाव के लिए मौजूद हैं। पिछले कुछ दिन में चार जहाजों ने इस क्षेत्र को पार किया है, जिनमें तीन थोक मालवाहक और एक अफ्रामैक्स टैंकर शामिल हैं। भारत अपनी जरूरत का करीब 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत एलपीजी का आयात करता है।



