


Jamshedpur. सरायकेला के राजनगर सरकारी अस्पताल में मोबाइल की रोशनी में प्रसव कराने की कोशिश के दौरान माँ और नवजात शिशु की दर्दनाक मौत मामले में विधायक पूर्णिमा साहू ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि21वीं सदी में भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में दो जिंदगियों का यूँ चला जाना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्था की गंभीर विफलता का प्रतीक है। जहाँ एक ओर आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की बात होती है, वहीं दूसरी ओर अस्पताल बिजली और बैकअप जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए भी जूझ रहे हैं,
यह स्थिति अत्यंत शर्मनाक है। और इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अपने विभाग की जमीनी समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय अन्य मुद्दों में व्यस्त नजर आते हैं, जिसके कारण स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है। विधायक ने कहा,गढ़वा, दुमका, रांची या जमशेदपुर लगभग हर जिले से ऐसी ही तस्वीर सामने आ रही है और इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। वहीं प्रशासन का रवैया भी सवालों के घेरे में है, जहाँ दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिशें दिखती हैं। इस घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।



