


जमशेदपुर।
जिले के समाहरणालय सभागार में उपायुक्त श्री राजीव रंजन की अध्यक्षता में कृषि, उद्यान, मत्स्य, सहकारिता, बाजार समिति, भूमि संरक्षण, जेएलएलपीएस एवं पशुपालन विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई और सभी पदाधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।
हाट-बाजार राजस्व पर विशेष ध्यान
बैठक के दौरान बाजार समिति को निर्देश दिया गया कि जिले के सभी हाट-बाजारों से पिछले पांच वर्षों का राजस्व संग्रहण डाटा अद्यतन रूप में प्रस्तुत किया जाए। उपायुक्त ने कहा कि इस डाटा के विश्लेषण से राजस्व बढ़ाने की संभावनाओं पर काम किया जा सकेगा और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
पशुधन वितरण और बीमा पर जोर
पशुपालन विभाग को मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लाभुकों के बीच गाय, बकरी, सूकर और कुक्कुट का वितरण अगले 10 दिनों में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही सभी पशुओं का बीमा कराने और किसी नुकसान की स्थिति में त्वरित मुआवजा दिलाने के लिए बीमा कंपनियों से समन्वय बनाए रखने को कहा गया। आगामी वर्ष 2026-27 के लिए भी समय पर लाभुक चयन करने के निर्देश दिए गए।
सहकारिता और किसानों के भुगतान पर फोकस
सहकारिता विभाग को राइस मिलरों के साथ समन्वय बनाकर लैम्पस में संग्रहित धान का जल्द उठाव सुनिश्चित करने को कहा गया। उपायुक्त ने किसानों को समय पर भुगतान दिलाने और सहकारिता से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
खरीफ फसल की तैयारी तेज करने के निर्देश
कृषि विभाग को निर्देश दिया गया कि खरीफ सीजन से पहले बीज और उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही किसानों को आधुनिक तकनीकों, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और कृषि यंत्रों के उपयोग के लिए प्रेरित करने को कहा गया। गांव स्तर पर कृषि विस्तार गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर भी बल दिया गया।
उद्यान और मत्स्य क्षेत्र को बढ़ावा
उद्यान विभाग को फल एवं सब्जी उत्पादन बढ़ाने के लिए योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। वहीं मत्स्य विभाग को जलाशयों का बेहतर उपयोग कर उत्पादन बढ़ाने, तालाब निर्माण और मछली बीज वितरण में तेजी लाने को कहा गया।
भूमि संरक्षण और जल संचयन पर फोकस
भूमि संरक्षण विभाग को मिट्टी कटाव रोकने और जल संरक्षण योजनाओं को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। जल संचयन संरचनाओं के निर्माण पर विशेष बल दिया गया ताकि किसानों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।
महिला समूहों और आजीविका को बढ़ावा
जेएलएलपीएस के तहत स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार से जोड़ने और महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए नई गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। बैंक लिंकेज को मजबूत कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने पर भी जोर दिया गया।
समन्वय और मॉनिटरिंग के निर्देश
उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने और साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं का प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए और किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



