


New Delhi. शिक्षा मंत्रालय ने केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की कक्षा 12वीं की परीक्षाओं में ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (ओएसएम) प्रणाली से अंकों पर असर पड़ने की चिंताओं को रविवार को खारिज किया और पुनर्मूल्यांकन तथा उत्तर पुस्तिका सत्यापन शुल्क घटाकर 100-100 रुपये करने की घोषणा की। अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला विद्यार्थियों की चिंता कम करने के लिए लिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ओएसएम पूरी तरह त्रुटिरहित है और पारदर्शी मूल्यांकन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जाने वाली पद्धति है।
स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘कक्षा 12वीं की 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं स्कैन की गईं और इस प्रक्रिया में सुरक्षा के तीन स्तर अपनाए गए। हालांकि, बार-बार स्कैन के बावजूद कुछ उत्तरपुस्तिकाओं में लिखावट स्पष्ट नहीं हो पा रही थी, क्योंकि उनमें इस्तेमाल की गई स्याही का रंग बहुत हल्का था। स्कैन के बाद भी उन उत्तरपुस्तिकाओं को पूरी तरह पढ़ने योग्य नहीं बनाया जा सका। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे मामलों में परीक्षकों को उत्तर पुस्तिकाएं हाथ से जांचने और उसी के अनुसार अंक देने के निर्देश दिए गए। 13,000 से अधिक ऐसी उत्तर पुस्तिकाएं अलग से चिह्नित कर हाथ से जांची गईं और अंक प्रणाली में दर्ज किए गए।’’
उन्होंने ने कहा, ‘‘सुरक्षा स्तर और संबंधित मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया ताकि ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ के माध्यम से की गई जांच सटीक, पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।’’ कुमार की ये टिप्पणियां छात्रों और अभिभावकों द्वारा जताई जा रही इन चिंताओं के बीच आई हैं कि कक्षा 12 में उत्तीर्ण प्रतिशत और अंकों में गिरावट का कारण ओएसएम है जिसे सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं में पहली बार लागू किया गया है।
सीबीएसई ने छात्रों की चिंता कम करने के लिए पुनर्मूल्यांकन और उत्तर पुस्तिका सत्यापन शुल्क घटा दिया गया है।




