


जमशेदपुर, : अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय अधिवेशन में संगठन को और अधिक मजबूत एवं आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। अधिवेशन के दौरान संविधान संशोधन समिति के गठन की घोषणा की गई, जिसमें देशभर से पांच अनुभवी एवं सक्रिय सदस्यों को शामिल किया गया है। इस समिति में झारखंड के जमशेदपुर निवासी वरिष्ठ समाजसेवी ओम प्रकाश रिंगसिया को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। उनके चयन से जमशेदपुर एवं पूरे झारखंड के अग्रवाल समाज में खुशी का माहौल है।
समिति में देशभर के दिग्गज शामिल
सम्मेलन की इस विशेष समिति के संयोजक के रूप में दिल्ली के प्रसिद्ध चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए बजरंग लाल गुप्ता को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं समिति के अन्य सदस्यों में जमशेदपुर से ओम प्रकाश रिंगसिया, कोलकाता से कैलाश पति तोदी, बेंगलुरु से ओम प्रकाश पोद्दार तथा मुंबई से डॉ. राजेंद्र अग्रवाल को शामिल किया गया है।
संगठन के पदाधिकारियों का मानना है कि इन अनुभवी सदस्यों के सहयोग से सम्मेलन के संविधान में समयानुकूल और समाजहितकारी बदलाव किए जाएंगे, जिससे संस्था और अधिक प्रभावी रूप से समाज की सेवा कर सकेगी।

जमशेदपुर के लिए गौरव का क्षण
ओम प्रकाश रिंगसिया लंबे समय से अग्रवाल समाज एवं सामाजिक गतिविधियों से सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। उन्हें संविधान संशोधन समिति में शामिल किया जाना जमशेदपुर के सामाजिक योगदान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। समाज के लोगों ने कहा कि यह चयन शहर की सक्रिय भागीदारी और संगठनात्मक क्षमता को दर्शाता है।
स्थानीय अग्रवाल समाज के लोगों ने इसे पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय बताया। उनका कहना है कि रिंगसिया के अनुभव और सामाजिक समझ का लाभ पूरे संगठन को मिलेगा।
समाज के लोगों ने दी बधाई
इस अवसर पर समाज के कई गणमान्य लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बसंत मित्तल का आभार व्यक्त किया। संदीप मुरारका, अभिषेक अग्रवाल “गोल्डी”, मंटू अग्रवाल, दीपक पारीक, सन्नी संघी, कमल किशोर अग्रवाल, अजय भालोटिया, लिपु शर्मा और रोहित अग्रवाल सहित कई लोगों ने ओम प्रकाश रिंगसिया को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
संगठन को मिलेगा नया स्वरूप
समाज के वरिष्ठ लोगों ने विश्वास जताया कि समिति के माध्यम से संगठन के संविधान को अधिक मजबूत, पारदर्शी और आधुनिक स्वरूप मिलेगा। साथ ही समाजहित में नई योजनाओं और बेहतर संगठनात्मक व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। लोगों ने उम्मीद जताई कि यह समिति भविष्य में अग्रवाल समाज को नई दिशा देने का कार्य करेगी।



