


धनबाद रेल मंडल में रेल कर्मचारियों की सतर्कता, तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का एक बेहद सुखद उदाहरण सामने आया है। कोसी सुपर एक्सप्रेस में सफर के दौरान अपने माता-पिता से अनजाने में बिछड़ गई एक मासूम बच्ची को ऑन-ड्यूटी टिकट जांच कर्मियों (TTE) की सूझबूझ से सुरक्षित बचा लिया गया। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय रेल प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और मानवीय सहायता को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
हजारीबाग रोड स्टेशन पर ट्रेन में ही छूट गई थी मासूम नैंसी
यह घटना 20 मई 2026 की है। गाड़ी संख्या 18625 पूर्णियां कोर्ट-हटिया कोसी सुपर एक्सप्रेस में टीटीई नवदीप कुमार और चंदन कुमार अपने नियमित कर्तव्य के तहत कोचों में टिकटों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान जब वे डी-2 (D-2) कोच में पहुंचे, तो उन्हें एक छोटी बच्ची अकेली और सहमी हुई अवस्था में बैठी दिखाई दी।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए दोनों रेल कर्मियों ने बिना देर किए बच्ची के पास जाकर अत्यंत संवेदनशीलता के साथ उससे पूछताछ की। पूछताछ में बच्ची ने अपना नाम नैंसी कुमारी बताया। उसने रोते हुए बताया कि उसके माता-पिता हजारीबाग रोड स्टेशन पर ही ट्रेन से नीचे उतर गए थे, लेकिन वह अनजाने में ट्रेन के अंदर ही रह गई और गाड़ी खुल गई।
टीटीई की त्वरित कार्रवाई से परिजनों को मिली राहत
स्थिति को देखते हुए ऑन-ड्यूटी चेकिंग स्टाफ नवदीप कुमार और चंदन कुमार ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची को तुरंत अपने सुरक्षित संरक्षण में ले लिया। उन्होंने बच्ची को सांत्वना दी ताकि वह डरे नहीं और इसके साथ ही उसके परिजनों को खोजने और उनसे संपर्क स्थापित करने का प्रयास तेज कर दिया।

रेलवे के संचार तंत्र और त्वरित प्रयासों के बाद, पारसनाथ स्टेशन पर बच्ची के पीड़ित माता-पिता से सफलतापूर्वक संपर्क स्थापित कर लिया गया और सभी आवश्यक जानकारियों की पूरी तरह से पुष्टि की गई। अपनी बच्ची के सुरक्षित होने की खबर पाकर माता-पिता ने भी राहत की सांस ली।
पारसनाथ स्टेशन मास्टर को सौंपी गई बच्ची
परिजनों की पहचान और स्थान सुनिश्चित होने के बाद, बच्ची को पूरी आवश्यक देखरेख, सुरक्षा और जरूरी औपचारिकताओं के साथ पारसनाथ स्टेशन के स्टेशन मास्टर को सुपुर्द कर दिया गया। स्टेशन मास्टर को जिम्मेदारी दी गई कि वे बच्ची को सुरक्षित रूप से उसके माता-पिता के आने पर उन्हें सौंप दें।
धनबाद रेल मंडल के वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक और वरीय जनसंपर्क अधिकारी मनीष सौरभ ने इस संबंध में आधिकारिक जानकारी देते हुए टिकट जांच स्टाफ की इस त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता की जमकर सराहना की है। इस वाकये के बाद रेल यात्रियों और आम लोगों के बीच रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।



