


Saraikela. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता चंपई सोरेन ने दावा किया कि झारखंड सरकार द्वारा फूलो झानो मेडिकल कॉलेज का नाम बदलने का कदम महान आदिवासी हस्तियों के नामों को मिटाने की साजिश है और चेतावनी दी कि अगर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली सरकार ने सुधारात्मक कदम नहीं उठाए तो इसका समुचित जवाब दिया जाएगा। दुमका के अस्पताल का दौरा करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री और सेरायकेला के विधायक ने कहा कि महान नेताओं के सम्मान में संस्थानों का नामकरण किया जाता है, लेकिन “किसी पूर्व सूचना के बिना नामों को मिटाने का इस सरकार का कदम उसकी असली मंशा को उजागर करता है।
सोरेन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, तथाकथित ‘अबूआ सरकार’ (अपनी सरकार) न केवल हमारे सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ने वालों का समर्थन कर रही है, बल्कि हमारे महान नेताओं और हस्तियों के गौरवशाली इतिहास को भी मिटा रही है। सरकार द्वारा इस तरह के षड्यंत्र का समुचित जवाब देने की चेतावनी देते हुए सोरेन ने कहा कि यदि सरकार मेडिकल कॉलेज और अस्पताल को महान हस्ती फूलो झानो का नाम नहीं देती है, तो समुदाय स्वयं इसे दुरुस्त कर लेगा।
हाल ही में दिल्ली में आयोजित “जनजाति संस्कृत समागम” के बारे में उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कर दिया है कि आदिवासी समुदाय को उनकी परंपराओं और विशिष्ट जीवनशैली को संरक्षित रखने के लिए समान नागरिक संहिता के दायरे से छूट दी जाएगी। सोरेन ने कहा, यह हमारी सदियों पुरानी जीवनशैली को संरक्षित और सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



