


सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के समाहरणालय स्थित उपायुक्त कार्यालय कक्ष में मंगलवार को साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों, पंचायतों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। उपायुक्त ने सभी फरियादियों से क्रमवार मुलाकात कर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ उनकी शिकायतों को सुना।
ऑन द स्पॉट हुआ कई मामलों का निपटारा
इस साप्ताहिक जनता दरबार में लोग अपनी छोटी-बड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुंचे थे। प्राप्त आवेदनों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने जनहित से जुड़े कई मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन किया। वहीं, जिन मामलों में तकनीकी जांच की आवश्यकता थी, उनके नियमानुसार और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जनता दरबार में उठे ये प्रमुख मुद्दे
जनता दरबार में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से कई गंभीर शिकायतें डीसी के समक्ष रखी गईं:
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घूसखोरी की शिकायत: कुकड़ू प्रखंड के अंतर्गत 15वें वित्त आयोग के कार्य में एम.बी. निर्गत करने के लिए पंचायत सचिव द्वारा रिश्वत मांगने का मामला प्रमुखता से उठा।
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गैस एजेंसी की मनमानी: कुकड़ू के ही तिरुलडीह स्थित हेमकुसमी इंडियन ग्रामीण वितरक (सोडो गैस एजेंसी) द्वारा गैस उपलब्ध कराने के एवज में ग्राहकों से अधिक राशि वसूलने की शिकायत दर्ज कराई गई।
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सड़क और बुनियादी ढांचे: चांडिल प्रखंड के कंदरबेडा दोमुहानी चौक चौड़ीकरण से जुड़ी जटिल समस्याओं और राजनगर प्रखंड के ग्राम छोटा कुनाबेड़ा टोला शोकाडकोचा की जर्जर सड़क की मरम्मत की मांग रखी गई।
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अन्य अहम मामले: झारखंड के अनुसूचित जनजाति पुरान को सीएनटी एक्ट (CNT Act) में शामिल करने, आदित्यपुर नगर निगम के वार्ड-02 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका चयन में हुई अनियमितता, और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित लेयर पोल्ट्री फार्म से फैल रहे प्रदूषण के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। इसके अलावा भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और राशन कार्ड से जुड़े कई आवेदन प्राप्त हुए।
डीसी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने प्राप्त सभी आवेदनों पर कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के लिए बेवजह सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जिला प्रशासन जनशिकायतों के प्रति संवेदनशील है और अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।



