




Adityapur Nagar Nigam: झारखंड के सरायकेला- खरसावां जिले का आदित्यपुर नगर निगम कार्यालय इन दिनों भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है. स्थानीय लोगों की माने तो यहां भ्रष्टाचार सीखना एवं सीखाना आम बात साबित हो रहा है, जिसके कारण टाटा- कांड्रा मुख्य सड़क पर भी कई अवैध बहुमंजिला भवन निर्माण बेखौफ होकर कराए जा रहे हैं. जिस पर आदित्यपुर नगर निगम,जिला प्रशासन एवं झारखंड सरकार का ध्यान न जाना आश्चर्यजनक हैं.
अवैध भवन निर्माता दबे जुबान कहते हैं कि आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश के बिना मिली भगत के अवैध निर्माण खुलेआम आदित्यपुर के टाटा-कांड्रा मुख्य सड़क समेत आदित्यपुर नगर निगम कार्यालय के समीप नहीं हो सकता है.
एक अवैध भवन निर्माता का यहां तकआरोप है कि आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त मोटी रकम के उम्मीद पर बारगेनिंग करते हैं. एवं सफल न रहने पर भवन सील करते हैं.कुछ स्थान पर देखा गया है कि तीन फ्लोर के अवैध निर्माण तक अपर नगर आयुक्त मौन रहते हैं, इसके बाद अचानक चुनिंदा अवैध निर्माण पर कार्रवाई कर अन्य अवैध भवन निर्माता पर दबाव बनाने का कार्य करते हैं.
आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त के कार्यालय को लिखित शिकायत देने के बावजूद उचित कानूनी कार्रवाई के बजाय बारगेनिंग कर प्रति फ्लोर का हिसाब तय कर अवैध भवन निर्माण को संरक्षण देने का मामला सामने दिख रहा है.
ज्ञात हो कि 13 दिसंबर 2025 को आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त के कार्यालय को लिखित शिकायत पत्र देकर सूचित किया गया था कि आदित्यपुर एक स्थित हरि ओम नगर के रोड नंबर 2 पर एक बिना नक्शा स्वीकृत कराए अथवा स्वीकृत नक्शा का विचलन कर भवन निर्माण कराया जा रहा है, जिसका जीपीएस मैप कैमरा से जी प्लस टू का तात्कालिक फोटो भी संलग्नकर जुर्माना लगाने सहित कानूनी कार्यवाही हेतु दिया गया था.
उक्त 13 दिसंबर 2025 के लिखित शिकायत पत्र पर अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश के कार्यालय द्वारा क्या कार्रवाई किया गया, यह जांच का विषय है.पर वहीं दूसरी ओर लहर चक्र संवाददाता द्वारा उपरोक्त स्थल का निरीक्षण किया तो पाया कि उपरोक्त स्थल पर जहां शिकायत के वक्त मात्र जी प्लस टू का निर्माण हुआ था, वहां शिकायत पत्र देने के बाद अब जी प्लस 4 फ्लोर का निर्माण हो चुका है. यानि कि कानून के रखवाले आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश ने शिकायत प्राप्त होने के बाद 5 माह से ज्यादा समय तक या तो शिकायत पत्र को ठंडा बस्ती में डाल दिया या जुर्माना लगाकर अवैध निर्माण को अवैध रूप से पूरा होने का मौका दिया गया.
अगर झारखंड सरकार एवं सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन उपरोक्त शिकायत पत्र के आधार पर आदित्यपुर नगर निगम के कार्यशैली की जांच करें तो यह बात सामने आ सकती है कि आदित्यपुर नगर निगम को उपरोक्त शिकायत पत्र के आधार पर जो करवाई एवं सरकारी राशि का जुर्माना किया जाना था वह संभवतः नहीं किया गया.
स्थानीय लोगों का कहना है कि जन शिकायत मिलने के बाद आदित्यपुर नगर निगम के कार्यालय द्वारा सरकारी जुर्माना लगाकर सरकारी खजाना भरने के बजाय अधिकारी निजी स्वार्थ में काम करना चाहते हैं, इसके एवज में अवैध बहुमंजिला भवन निर्माता,मुंह मांगी रकम देने को भी अंदर-अंदर तैयार रहते हैं. जिसके फलस्वरूप लिखित शिकायत पत्र को दरकिनार कर अधिकारी बेखौफ टाटा- कांड्रा मुख्य सड़क समेत अन्य स्थलों पर अवैध निर्माणों को प्रोत्साहन देते हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश की पकड़ जिले के वरीय अधिकारी के अलावा रांची तक है, शायद यही कारण है कि अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश कानून को ताक पर रखकर सरकारी खजाना को बढ़ाने के बजाय अवैध निर्माण को बढ़ावा दे रहे हैं.
कुमार मनीष,9852225588



