


जमशेदपुर ।
मणिपाल हॉस्पिटल्स टाटानगरिया द्वारा आयोजित विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम में हृदय रोगों की बढ़ती चुनौती, समय पर उपचार और जीवनरक्षक तकनीक CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों, स्वास्थ्यकर्मियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बढ़ते हृदय रोग बन रहे गंभीर चुनौती
विशेषज्ञों ने बताया कि भारत में हृदय एवं रक्तवाहिका संबंधी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं और यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं। बदलती जीवनशैली, तनाव, अनियमित खानपान, धूम्रपान, तंबाकू सेवन, मधुमेह, मोटापा और उच्च रक्तचाप जैसे कारक हृदय रोगों के प्रमुख कारण हैं। चिंता की बात यह है कि अब युवा वर्ग भी बड़ी संख्या में हृदय संबंधी समस्याओं का शिकार हो रहा है।
समय पर CPR से बच सकती है जान
सीनियर कंसल्टेंट कार्डियोथोरेसिक सर्जरी डॉ. कौशिक मुखर्जी ने कहा कि कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। यदि मरीज को तुरंत और सही तरीके से CPR दिया जाए तो उसके बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि CPR केवल डॉक्टरों के लिए ही नहीं बल्कि आम नागरिकों के लिए भी जरूरी कौशल है।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह
सीनियर कंसल्टेंट कार्डियोलॉजी डॉ. सुमंत चटर्जी ने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच, शुरुआती चरण में रोग की पहचान और समय पर उपचार से गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव नियंत्रण और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने की सलाह दी।
मरीजों ने साझा किए प्रेरणादायक अनुभव
कार्यक्रम के दौरान सफल हृदय सर्जरी करा चुके मरीज काशी नाथ सिंह ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि अस्पताल में उपचार के दौरान उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखभाल और सकारात्मक सहयोग मिला, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ।
प्रतिभागियों को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को CPR और बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। विशेषज्ञों ने आपातकालीन परिस्थितियों में सही प्रतिक्रिया देने, मरीज की स्थिति का आकलन करने और प्राथमिक जीवनरक्षक तकनीकों का प्रदर्शन किया।
स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ लोगों को निवारक स्वास्थ्य देखभाल, शीघ्र निदान और आपातकालीन तैयारियों के प्रति जागरूक बनाना भी उनकी प्राथमिकता है। ऐसे कार्यक्रम समाज को अधिक जागरूक, सुरक्षित और स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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