


जमशेदपुर। “दो बूंद जिंदगी के, छूट न जाए, नन्हे-मुन्ने की जिंदगी रूठ न जाए” के संदेश के साथ राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रेल सिविल डिफेंस टीम तीन दिवसीय विशेष अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएगी। रेलवे अस्पताल, टाटानगर में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने के बाद सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक 28 जून से 30 जून तक चलने वाले राष्ट्रीय अभियान के दौरान शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का कार्य करेंगे।
रेलवे अस्पताल में दिया गया विशेष प्रशिक्षण
रेलवे अस्पताल, टाटानगर में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में रेल सिविल डिफेंस टीम के सदस्यों को शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाने के नियमों, सावधानियों और अभियान संचालन की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि कोई भी बच्चा पोलियो की जीवनरक्षक खुराक से वंचित न रहे।
पहले दिन बूथ, फिर घर-घर जाकर चलेगा अभियान
अभियान के पहले दिन यानी 28 जून को विभिन्न निर्धारित बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। वहीं, दूसरे और तीसरे दिन रेल सिविल डिफेंस टीम रेलवे की विभिन्न कॉलोनियों में घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाने का कार्य करेगी। इस दौरान साउथ सेटलमेंट, ट्रैफिक कॉलोनी, गोलपहाड़ी, खासमहल, बागबेड़ा सहित अन्य रेलवे क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जाएगा।
पोलियो उन्मूलन में सामुदायिक भागीदारी पर जोर
अधिकारियों ने बताया कि पोलियो उन्मूलन अभियान को सफल बनाने के लिए सामुदायिक भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा इस महत्वपूर्ण टीकाकरण अभियान से छूट न जाए। भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए प्रत्येक परिवार का सहयोग जरूरी है।
रेल सिविल डिफेंस और स्वास्थ्य विभाग मिलकर करेंगे कार्य
प्रशिक्षण कार्यक्रम में रेल सिविल डिफेंस के सदस्य सरस्वती मूर्मू, कंचन कुमारी, तेजीता, विनोद कुमार, रमेश कुमार, वीरेंद्र कुमार, संजय कुमार मंडल, अमित कुमार सहित अन्य स्वयंसेवक उपस्थित थे। इसके अलावा रेलवे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी एवं स्काउट संगठन के सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
रेलवे अस्पताल के वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. पाली टारगेन के मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देश में यह अभियान संचालित किया जाएगा।



