




Jamshedpur. बर्मामाइंस कंटेनर यार्ड में रविवार रात हुई गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल कैरेज कॉलोनी मुस्लिम बस्ती निवासी आफताब खान की मंगलवार तड़के करीब चार बजे कोलकाता के अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। आफताब की मौत की खबर मिलते ही इलाके में आक्रोश फैल गया। सुबह सात बजे से ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग बर्मामाइंस थाना के सामने स्थित डनलप रोड पर उतर आए और सड़क जाम कर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आक्रोशित लोगों का आरोप है कि इतनी बड़ी वारदात के बावजूद पुलिस अब तक किसी भी आरोपी को जेल नहीं भेज सकी है। उनका कहना था कि घटना के बाद से लगातार समय बीत रहा है, लेकिन अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। इससे लोगों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यदि पुलिस समय पर सख्त कार्रवाई करती तो अपराधियों के हौसले नहीं बढ़ते।
नशा मुक्ति अभियान बना जान का दुश्मन
पत्नी सलमा कादरी का आरोप है कि आफताब आलम लंबे समय से इलाके में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान चला रहे थे। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने और अवैध धंधे का विरोध करने की पहल की थी। इसी कारण नशे के कारोबार से जुड़े लोगों ने पहले भी कई बार उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। उनका आरोप है कि सुनियोजित साजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपित शहवाज उर्फ भोंदू और उसके सहयोगियों का आपराधिक इतिहास रहा है तथा उनका नाम नशे के अवैध कारोबार से भी जुड़ता रहा है। सभी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम और आपराधिक नेटवर्क की भी गहन जांच कर रही है।


