



Mumbai भारतीय रिजर्व बैंक ने बृहस्पतिवार को टाटा संस को उच्च श्रेणी की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की सूची में बरकरार रखा। केंद्रीय बैंक ने कहा कि होल्डिंग कंपनी को सूची में शामिल किए जाने से उसके एनबीएफसी पंजीकरण को लौटाने के लंबित आवेदन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। आरबीआई ने आकार आधारित विनियमन रूपरेखा के तहत उच्च श्रेणी की एनबीएफसी की नवीनतम सूची जारी की। इसमें 17 कंपनियां शामिल हैं। इस व्यवस्था के तहत प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण गैर-बैंकिंग ऋणदाताओं और मुख्य निवेश कंपनियों (सीआईसी) पर अधिक कड़े नियामकीय प्रावधान लागू होते हैं।
आरबीआई ने कहा, सूची में टाटा संस प्राइवेट लि. को शामिल किया जाना उसके पंजीकरण रद्द करने के आवेदन के परिणाम को प्रभावित नहीं करेगा। फिलहाल इस आवेदन की जांच की जा रही है। चार सौर अरब डॉलर के टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस को पहली बार 2022 में उच्च श्रेणी की एनबीएफसी के रूप में वर्गीकृत किया गया था। इस वर्गीकरण के तहत कंपनी को कड़े नियामकीय नियमों का पालन करना पड़ता है। इसमें भविष्य में शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना तथा सख्त संचालन व्यवस्था, पूंजी और खुलासा आवश्यकताओं को पूरा करना शामिल है। यह व्यवस्था तबतक रहती है जब तक कि वह अपनी संरचना में बदलाव नहीं करती।
इसके बाद टाटा संस ने वित्तीय कारोबार में अपनी हिस्सेदारी कम करने और समूह के कुछ हिस्सों के पुनर्गठन के लिए कदम उठाए। कंपनी ने आरबीआई के वर्गीकरण से छूट देने का अनुरोध भी किया था। कंपनी ने उधारी कम करने और अपने वित्तीय सेवा कारोबार के पुनर्गठन के लिए भी कदम उठाए हैं, जिसमें वित्तीय परिचालन को अपनी मुख्य निवेश गतिविधियों से अलग करना शामिल है।
पारंपरिक एनबीएफसी से अलग, टाटा संस एक प्रमुख निवेशक कंपनी के रूप में काम करती है। इसका मुख्य कारोबार टाटा समूह की कंपनियों में निवेश रखना है, न कि ऋण देना।
कंपनी की टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा मोटर्स, टाइटन और इंडियन होटल्स कंपनी जैसी सूचीबद्ध कंपनियों में बड़ी हिस्सेदारी है। इसकी आय का एक बड़ा हिस्सा इन कंपनियों से मिलने वाले लाभांश से आता है।
आरबीआई की उच्च श्रेणी में वे एनबीएफसी और मुख्य निवेश कंपनियां शामिल होती हैं, जिन्हें अपने आकार, जटिलता और वित्तीय प्रणाली से जुड़ाव के कारण प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। इन संस्थाओं पर अन्य एनबीएफसी की तुलना में अधिक कड़े संचालन, पूंजी और खुलासा नियम लागू होते हैं। आरबीआई ने टाटा संस के एनबीएफसी पंजीकरण लौटाने के आवेदन पर फैसला लेने की कोई समयसीमा नहीं बताई है।

