


जमशेदपुर। समाहरणालय सभागार में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में राजस्व संग्रहण, भू-अर्जन, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और नीलाम पत्र मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के राजस्व लक्ष्य, विभिन्न भू-अर्जन परियोजनाओं, टाटा लीज से जुड़े लंबित मामलों, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण तथा नीलाम पत्र वादों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
बैठक में विभागवार राजस्व संग्रहण की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्धारित वार्षिक लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान राज्य कर के अर्बन अंचल में 19.52 प्रतिशत, जमशेदपुर अंचल में 25.12 प्रतिशत तथा सिंहभूम अंचल में 20.31 प्रतिशत राजस्व संग्रहण दर्ज किया गया।
वहीं, खनन विभाग में 25 प्रतिशत, उत्पाद विभाग में 32 प्रतिशत, जिला सब रजिस्ट्रार कार्यालय में 25 प्रतिशत तथा परिवहन विभाग में 31 प्रतिशत राजस्व संग्रहण हुआ है। विद्युत विभाग के जमशेदपुर, मानगो और घाटशिला प्रमंडलों में करीब 50 प्रतिशत संग्रहण दर्ज किया गया। नगर निकायों में जेएनएसी ने करीब 25 प्रतिशत, जबकि जुगसलाई, चाकुलिया और मानगो नगर निकायों में 40 प्रतिशत से अधिक राजस्व संग्रहण किया है।
उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को उपलब्ध संसाधनों और संभावित राजस्व स्रोतों का प्रभावी उपयोग करते हुए आंतरिक संसाधनों से राजस्व संग्रहण बढ़ाने का निर्देश दिया।
भू-अर्जन और मुआवजा भुगतान में तेजी
भू-अर्जन से संबंधित परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न पथ परियोजनाओं के लिए शेष भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। उन्होंने लंबित मुआवजा भुगतान के लिए विशेष कैम्प आयोजित कर रैयतों को समयबद्ध तरीके से भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को दिया।
बैठक में सभी अंचल अधिकारियों के साथ म्यूटेशन, भूमि सीमांकन, परिसोधन, ऑनलाइन लगान सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्यों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि भूमि से जुड़े आवेदनों का निर्धारित समयसीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
नीलाम पत्र मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश
नीलाम पत्र वादों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन, नियमित सुनवाई तथा राजस्व वसूली की कार्रवाई को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। सरकारी भूमि पर अतिक्रमण से जुड़े मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई और सतत निगरानी पर जोर दिया गया।
बैठक में एसडीएम धालभूम अर्नव मिश्रा, अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी, डीसीएलआर धालभूम, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, डीटीओ, डीएमओ, सभी सीओ सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

