


जमशेदपुर: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आह्वान पर जमशेदपुर स्थित तिलक पुस्तकालय, बिष्टुपुर में प्रेस वार्ता आयोजित कर केंद्र सरकार के एमएमडीआर (MMDR) संशोधन विधेयक-2026 और अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के मामलों को लेकर आंदोलन की घोषणा की गई। प्रेस वार्ता की अध्यक्षता जिला कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश सिंह ने की।
पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि एमएमडीआर संशोधन विधेयक झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से जुड़े राज्य के अधिकारों तथा संघीय ढांचे का महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा ने देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, लेकिन राज्य को विस्थापन, प्रदूषण, बेरोजगारी और सामाजिक-आर्थिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ा है।
बन्ना गुप्ता ने केंद्र सरकार से झारखंड के खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकार सुरक्षित रखने, जल-जंगल-जमीन की रक्षा करने, खनिज संपदा से राज्यवासियों को उचित आर्थिक लाभ एवं रोजगार उपलब्ध कराने तथा संघीय ढांचे और राज्यों के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करने की मांग की। उन्होंने विधेयक में झारखंड के हितों के अनुरूप आवश्यक संशोधन किए जाने तक व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन की बात कही।
27 अगस्त को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना
कांग्रेस ने घोषित आंदोलन के तहत 27 अगस्त 2026 को जमशेदपुर उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इस दौरान राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त के माध्यम से मांग पत्र सौंपा जाएगा। इसके बाद 7 सितंबर को रांची में राज्यस्तरीय महाधरना और 9 से 16 सितंबर तक प्रखंड मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन आयोजित करने की जानकारी दी गई।
राम मंदिर के चढ़ावे में पारदर्शिता की मांग
प्रेस वार्ता में अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे और बहुमूल्य वस्तुओं की व्यवस्था को लेकर भी कांग्रेस ने कई मांगें रखीं। पार्टी ने चढ़ावे की राशि, बैंक में जमा धन और खर्च का ऑडिट सार्वजनिक करने तथा कथित वित्तीय अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग की।
कांग्रेस ने CCTV फुटेज की फोरेंसिक जांच, सोने-चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं की सार्वजनिक इन्वेंट्री, चढ़ावे की गिनती में डिजिटल रिकॉर्डिंग एवं दोहरी निगरानी तथा मंदिर ट्रस्ट की जवाबदेही तय करने की मांग भी रखी। साथ ही बहुमूल्य धातुओं को पिघलाने की प्रक्रिया और उससे जुड़े रिकॉर्ड को पारदर्शी बनाने की मांग की गई।
बन्ना गुप्ता ने कहा कि यह मुद्दा किसी धर्म या आस्था के खिलाफ नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं के चढ़ावे की पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ उसकी राजनीतिक, सामाजिक या धार्मिक पहचान देखे बिना कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता राकेश तिवारी, प्रताप यादव, प्रदेश सचिव ब्रजेन्द्र तिवारी, राजकिशोर यादव, जिला प्रवक्ता राजीव मिश्रा, रामलाल प्रसाद पासवान, राजा सिंह राजपूत, संजय तिवारी, मकसूद आलम और अली रजा खान सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे

