


बिलासपुर,। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन नारकोस” के तहत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में बड़ी कार्रवाई की गई। रेलवे सुरक्षा बल की गोंदिया अपराध गुप्तचर शाखा ने 72.661 किलोग्राम गांजा के साथ दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित बाजार कीमत 36.33 लाख रुपये बताई गई है।
आरपीएफ के अनुसार, 24 अगस्त 2026 को प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर रेलवे सुरक्षा बल क्राइम टीम, गोंदिया के अधिकारियों और बल सदस्यों ने ट्रेन संख्या 22827 पुरी-सूरत एक्सप्रेस में कार्रवाई की। टीम ने दरेंकसा और गोंदिया स्टेशन के बीच कोच संख्या बी-5 में यात्रा कर रहे एक महिला और एक पुरुष यात्री को चार ट्रॉली बैग के साथ संदिग्ध अवस्था में पकड़ा।
चार ट्रॉली बैग से मिले 69 पैकेट
पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान टूकु नायक, उम्र 38 वर्ष, तथा ईश्वरी बेहरा उर्फ इशू, उम्र 35 वर्ष, दोनों निवासी कांटाभाजी, बलांगीर, ओडिशा के रूप में बताई।
विधिवत तलाशी के दौरान चारों ट्रॉली बैग से 69 पैकेट गांजा बरामद किया गया। बरामद गांजे का कुल वजन 72.661 किलोग्राम पाया गया।
ओडिशा से महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था गांजा
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजा कांटाभाजी, ओडिशा से ट्रेन के माध्यम से भुसावल, महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने पूर्व में भी करीब 10 बार गांजा तस्करी किए जाने की जानकारी दी।
उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार आरोपियों के विरुद्ध ओडिशा के विभिन्न स्थानों पर पूर्व के आपराधिक मामले भी दर्ज पाए गए हैं।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
रेलवे सुरक्षा बल ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों को बरामद गांजा के साथ अग्रिम कार्रवाई के लिए जीआरपी गोंदिया के सुपुर्द कर दिया।
जीआरपी गोंदिया ने 25 अगस्त 2026 को अपराध क्रमांक 153/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(c), 20(b)ii(c) और 29 में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की ओर से बताया गया कि मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध परिवहन के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल द्वारा लगातार सघन निगरानी एवं कार्रवाई की जा रही है। ऑपरेशन नारकोस के तहत की जा रही ऐसी कार्रवाई रेल परिसरों और ट्रेनों के माध्यम से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

