


जमशेदपुर। राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के अवसर पर शनिवार को पूर्वी सिंहभूम जिले में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन उत्साह और खेल भावना के साथ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन खेल मंत्रालय, भारत सरकार, पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य निदेशालय, झारखंड सरकार तथा जिला प्रशासन, पूर्वी सिंहभूम के खेल शाखा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
इसी कड़ी में “PLAY” कार्यक्रम के तहत “एक घंटा खेल के मैदान में” का संदेश देते हुए जमशेदपुर के परसुडीह स्थित सरजामदा स्टेडियम में बालक एवं बालिका वर्ग के फुटबॉल सहित विभिन्न मैदानी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इसके अलावा जिले में संचालित विभिन्न डे-बोर्डिंग केंद्रों पर वॉलीबॉल और हैंडबॉल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के चित्र पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य लोगों, खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों ने सामूहिक रूप से खेल भावना, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खेल प्रतिज्ञा ली।
सरजामदा स्टेडियम में आयोजित फुटबॉल एवं अन्य प्रतियोगिताओं में अंतरराष्ट्रीय लॉन बॉल खिलाड़ी रूपा रानी तिर्की मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए नियमित रूप से खेलों से जुड़ने और खेल को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्य कुसुम पूर्ती, सीएसआर हेड ईस्टर्न रीजन, टाटा पावर रणधीर कुमार, टाटा पावर जोजोबेडा प्लांट के सीएसआर हेड मृत्युंजय राय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा राष्ट्रीय खिलाड़ी एवं कोच नितिन कुमार, जिला खेल समन्वयक महेश तिर्की, पर्यटन विशेषज्ञ मनीष जोंको, खेल उद्घोषक डा. श्याम शर्मा, खेल प्रशिक्षक, खिलाड़ी, खेल प्रेमी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्य अतिथि एवं अन्य वक्ताओं ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने युवाओं से नियमित रूप से किसी न किसी खेल से जुड़ने का आह्वान किया।
जिला खेल कार्यालय, पूर्वी सिंहभूम का उद्देश्य जिले में खेल संस्कृति को मजबूत करना और अधिक से अधिक युवाओं को खेल मैदान से जोड़ना है। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।


