

Ranchi. झारखंड के गोड्डा जिले में कई मतदान केंद्र पर एक राजनीतिक दल के कुछ बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए-2) द्वारा कुछ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए फॉर्म-7 जमा किए जाने के बाद मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। एक निर्वाचन अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। इन बीएलए ने संबंधित बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को फॉर्म जमा किए, लेकिन जब एजेंट ने प्राप्ति संबंधी दस्तावेज पर बीएलओ के हस्ताक्षर मांगे तो दोनों पक्षों में विवाद हो गया। बीएलओ ने हस्ताक्षर करने से इनकार करते हुए कहा कि फॉर्म में जिन मतदाताओं के नाम दिए गए हैं, वे लंबे समय से संबंधित स्थानों पर रह रहे हैं और उनमें से अधिकतर के नाम 2003 की मतदाता सूची में भी दर्ज हैं। बीएलओ ने फॉर्म भी कथित तौर पर वापस कर दिए।
महेशटिकरी के बूथ संख्या नौ पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीएलए संजीव कुमार ने दावा किया कि उन्होंने पार्टी के निर्देश पर फॉर्म जमा किए थे। कुमार ने कहा, ‘‘पार्टी ने मुझे ऐसे 25 फॉर्म दिए थे। पार्टी के निर्देश के अनुसार मैं सभी कॉलम पहले से भरे हुए फॉर्म लेकर बीएलओ के पास गया, लेकिन उन्होंने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।’’
बूथ संख्या नौ की बीएलओ अनीसा बानो ने कहा कि कुमार ने ‘पते पर मौजूद नहीं मिले’ और ‘स्थानांतरित’ श्रेणी के तहत नाम हटाने के अनुरोध वाले प्रिंटेड फॉर्म-7 आवेदन दिए थे। बानो ने कहा, ‘‘कुमार प्रिंटेड फॉर्म-7 लेकर आए थे, जिनमें कुछ नाम ‘पते पर मौजूद नहीं मिले’ और ‘स्थानांतरित’ श्रेणी में दर्ज थे। मुझे इस पर संदेह हुआ क्योंकि फॉर्म की सभी जानकारियां प्रिंटेड थीं। इसके अलावा, फॉर्म में जिन लोगों के नाम थे, वे लंबे समय से वहीं रह रहे हैं। मैंने फॉर्म उन्हें वापस कर दिए।’’
फॉर्म-7 का इस्तेमाल मौजूदा मतदाता सूची से किसी व्यक्ति का नाम हटाने का अनुरोध करने के लिए किया जाता है।
घटना के एक दिन बाद ग्रामीण कुमार के घर पर एकत्र हुए और उन्हें कथित तौर पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। कुमार ने कहा, ‘‘मुझे धमकियां मिल रही हैं। इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है। मैंने सिर्फ पार्टी के निर्देश का पालन किया। पार्टी ने मुझे जो भी फॉर्म दिए थे, वे सभी मैंने ग्रामीणों को दे दिए।’’ कुमार ने स्वयं को भाजपा का बसंतराय प्रखंड अध्यक्ष होने का दावा किया।

