जमशेदपुर: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया प्रखंड में जंगलों में पेड़ों की कटाई को लेकर राज्य सरकार और वन विभाग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को लेकर सरकार की व्यवस्था प्रभावी नहीं है।

डॉ. गोस्वामी ने कहा कि “झामुमो राज में अब जंगल भी सुरक्षित नहीं है।” उनके अनुसार, पिछले कुछ वर्षों से राज्य में कोयला, बालू, पत्थर और अन्य प्राकृतिक संसाधनों की चोरी एवं लूट की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने दावा किया कि अब घने जंगलों में पेड़ों की कटाई भी हो रही है।

सांकाभांगा के जंगल में साल के पेड़ काटने का दावा
डॉ. गोस्वामी ने चाकुलिया प्रखंड के सांकाभांगा गांव के पास जंगल में बड़ी संख्या में साल (सखुआ) के पेड़ काटे जाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि पेड़ों की कटाई को रोकने में वन विभाग विफल रहा।
उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में पेड़ों की कटाई की जा रही थी, वह राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर है। डॉ. गोस्वामी ने सवाल उठाया कि इतने नजदीक जंगल में पेड़ों की कटाई के बावजूद वन विभाग को इसकी जानकारी कैसे नहीं हुई।
प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा की मांग
भाजपा नेता ने कहा कि झारखंड में जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा को लेकर सरकार की ओर से किए गए वादों के अनुरूप प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से राज्य में प्राकृतिक संसाधनों की कथित अवैध निकासी और जंगलों में पेड़ों की कटाई को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया।
उन्होंने वन क्षेत्रों की निगरानी मजबूत करने और पेड़ों की कटाई के मामलों में जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की।
नोट: पेड़ों की कटाई और वन विभाग की भूमिका से संबंधित आरोप डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी के बयान पर आधारित हैं। इस संबंध में वन विभाग या राज्य सरकार का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।


