जमशेदपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में इस वर्ष दुर्गा पूजा का आयोजन पहले से अधिक भव्य और उत्साहपूर्ण तरीके से किया जाएगा। एनआईटी फैकल्टी क्लब की ओर से वर्ष 2025 में शुरू की गई इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार पांच दिवसीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी की गई है। आयोजन की खास बात यह है कि देश के अलग-अलग राज्यों से आए शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिवार एक साथ मां दुर्गा की आराधना करेंगे।

17 अक्टूबर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आगाज
एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सुतराधार के निर्देशन और दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष प्रो. आर.बी. शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजन की तैयारियां चल रही हैं।

पूजा को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आठ से अधिक समितियों का गठन किया गया है। इनमें 40 से अधिक फैकल्टी सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
पांच दिवसीय आयोजन के दौरान मां दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना, प्रसाद वितरण, सामूहिक भोज और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत 17 अक्टूबर को महासप्तमी से होगी। इस दौरान फैकल्टी सदस्य, उनके जीवनसाथी और परिवार के अन्य सदस्य गीत, संगीत, नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाएंगे।
18 अक्टूबर को बाहरी कलाकारों की विशेष प्रस्तुतियां कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण होंगी।
देश की विविध संस्कृतियों का दिखेगा अनूठा संगम
एनआईटी जमशेदपुर की दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता की झलक भी प्रस्तुत करेगी।
संस्थान में उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत और पूर्व से पश्चिम तक विभिन्न राज्यों के शिक्षक और विद्यार्थी अध्ययन, अध्यापन तथा शोध कार्य से जुड़े हैं।
ऐसे में अलग-अलग भाषाओं, परंपराओं और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आने वाले परिवारों का एक मंच पर एकत्रित होना ‘अनेकता में एकता’ की भावना को मजबूत करेगा।
पिछले वर्ष पहली बार हुई थी दुर्गा पूजा
एनआईटी जमशेदपुर फैकल्टी क्लब ने वर्ष 2025 में पहली बार सामूहिक दुर्गा पूजा का आयोजन शुरू किया था। पहले वर्ष ही इस पहल को संस्थान के सदस्यों का अच्छा सहयोग मिला था।
हालांकि, पहले से निर्धारित कार्यक्रमों के कारण कई सदस्य पिछले वर्ष आयोजन में शामिल नहीं हो सके थे। इस बार संस्थान परिसर में रहने वाले परिवारों के साथ बाहर रहने वाले शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारियों की भी सक्रिय भागीदारी की उम्मीद है।
आयोजन समिति को विश्वास है कि इस वर्ष जनभागीदारी और आर्थिक सहयोग दोनों में बढ़ोतरी होगी।
40 से अधिक शिक्षक तैयारियों में जुटे
दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष प्रो. आर.बी. शर्मा के मार्गदर्शन में विभिन्न समितियां आयोजन को सफल बनाने में जुटी हैं। शिक्षकों के साथ संस्थान के अधिकारी, कर्मचारी और अन्य सहयोगी भी तैयारियों में योगदान दे रहे हैं।
आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का संदेश देना है।

