जमशेदपुर। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सह कोडरमा की सांसद अन्नपूर्णा देवी ने शुक्रवार को जमशेदपुर के निर्मल गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास का वातावरण बनाने का आरोप लगाया। भाजपा जमशेदपुर महानगर के तत्वावधान में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भ्रम फैलाकर जनता को गुमराह करने तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। इसी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ-भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके माध्यम से देश और झारखंड की जनता को कांग्रेस की राजनीति तथा उसके दुष्प्रचार के प्रति जागरूक किया जाएगा। अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार एवं चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन की घोषणा कर रहे हैं। संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता के मन में अविश्वास पैदा करना और भीड़ के माध्यम से दबाव की राजनीति करना लोकतंत्र की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और आंदोलन का अधिकार सभी को है, लेकिन इसकी आड़ में अराजकता का वातावरण पैदा करना और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करना उचित नहीं है। भाजपा इस तरह की राजनीति की कड़ी निंदा करती है। प्रेस वार्ता में जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह, भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा एवं जिला मीडिया प्रभारी प्रेम झा भी मौजूद रहे।

एसआईआर को लेकर कांग्रेस के सवालों पर उठाए प्रश्न

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने एसआईआर को लेकर कांग्रेस के विरोध पर सवाल उठाते हुए कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कोई नई प्रक्रिया नहीं है। देश में इससे पहले भी आठ बार एसआईआर हो चुका है। चुनाव आयोग मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान निर्धारित नियमों के तहत प्रक्रिया पूरी करता है और मतदाताओं को अपने पक्ष में बात रखने के अवसर उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम में किसी प्रकार की त्रुटि हो या नाम हटाए जाने को लेकर आपत्ति हो, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी बात रख सकते हैं। इसके बावजूद कांग्रेस इस प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मृत व्यक्तियों के नाम, स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं की प्रविष्टियों और अन्य पात्रता संबंधी मानदंडों की जांच निर्धारित नियमों के अनुसार की जाती है। किसी भी प्रकार की आपत्ति का समाधान तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि यदि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर उन्हें आपत्ति है, तो वे अपने आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण प्रस्तुत करें। केवल आशंका व्यक्त करने, सोच लेने या आरोप लगाने से किसी संस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करना उचित नहीं है।
जीतने पर चुनाव प्रक्रिया सही, हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल
अन्नपूर्णा देवी ने कांग्रेस पर चुनाव परिणामों के अनुसार अपना रुख बदलने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब कांग्रेस या विपक्षी दल चुनाव जीतते हैं, तब उन्हें चुनाव प्रक्रिया में कोई खामी नजर नहीं आती, लेकिन हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जाने लगते हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के 99 सांसद निर्वाचित हुए, तब चुनाव प्रक्रिया को लेकर इस तरह के सवाल नहीं उठाए गए। यदि कांग्रेस को चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है तथा उन्हें लगता है कि चुनाव निष्पक्ष नहीं हुए, तो उन्हें अपने 99 सांसदों से आज ही इस्तीफा दिलाना चाहिए। कांग्रेस अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार संस्थाओं की विश्वसनीयता तय करना चाहती है। जो परिणाम उसके पक्ष में होते हैं, वे उसे सही लगते हैं और जो उसके विपरीत आते हैं, उन पर सवाल उठाए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की राजनीति से जनता के बीच भ्रम फैलता है और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति विश्वास कमजोर होता है।
आपातकाल का उल्लेख कर कांग्रेस पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केवल संविधान की पुस्तक हाथ में लेकर घूमने से कोई संविधान का रक्षक नहीं बन जाता। कांग्रेस को अपने इतिहास, विशेषकर आपातकाल के दौर को याद करना चाहिए, जब नागरिक स्वतंत्रताओं पर गंभीर प्रतिबंध लगाए गए थे और प्रेस की स्वतंत्रता भी प्रभावित हुई थी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की बात करने वाली कांग्रेस को पहले अपने अतीत का आत्ममंथन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रति सम्मान रखती है और संविधान के अनुरूप स्थापित संस्थाओं की गरिमा तथा स्वतंत्रता को महत्वपूर्ण मानती है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर जनता का विश्वास बनाए रखना आवश्यक है।
जंतर-मंतर पर आंदोलन को लेकर भी दी प्रतिक्रिया
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी को प्राप्त है। विपक्ष अपनी बात रख सकता है और सरकार की कमियों को उजागर कर सकता है, लेकिन विरोध के नाम पर ऐसा वातावरण नहीं बनना चाहिए जिससे आम नागरिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और कामकाजी लोगों को परेशानी हो। जंतर-मंतर जैसे निर्धारित स्थलों पर विरोध-प्रदर्शन की व्यवस्था का उद्देश्य भी यही है कि लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए आम जनजीवन प्रभावित न हो।
अटल बिहारी वाजपेयी और सुषमा स्वराज से सीखें नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज का उल्लेख करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष की भूमिका हमेशा गरिमापूर्ण, जिम्मेदार और रचनात्मक होनी चाहिए। अटल बिहारी वाजपेयी जी और सुषमा स्वराज जी ने विपक्ष में रहते हुए लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन किया और सरकार की कमियों को तथ्यों के साथ सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष सरकार का आईना होता है। उसे सरकार की कमियों को उजागर करने के साथ-साथ सुधार के लिए रचनात्मक सुझाव भी देने चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देश के विकास के लिए सभी वर्गों और विपक्ष के सुझावों का स्वागत करते हैं। ऐसे में राहुल गांधी को भी चाहिए कि वे देशहित में सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएं, न कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता के बीच अविश्वास का वातावरण पैदा करें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रगति का किया उल्लेख
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बना रहा है। रक्षा, शिक्षा, नवाचार और अन्य क्षेत्रों में देश निरंतर प्रगति कर रहा है। विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए सरकार सभी वर्गों के सहयोग और सुझावों के साथ आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री युवाओं सहित समाज के विभिन्न वर्गों और विपक्ष से भी रचनात्मक सुझावों की अपेक्षा रखते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विकास और जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक भूमिका निभाने के बजाय विरोध और भ्रम की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति को बाधित करने वाली राजनीति से युवाओं के भविष्य और देश की आर्थिक मजबूती पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने विपक्षी नेताओं के विदेशों में भारत की आलोचना करने तथा दूसरे देशों के उदाहरण देकर देश की परिस्थितियों पर टिप्पणी करने को लेकर भी सवाल उठाए। इस संदर्भ में उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत द्वारा अल्बानिया का उदाहरण दिए जाने का उल्लेख किया और कहा कि विपक्ष को देश के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
घुसपैठ और मतदाता सूची के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा
अन्नपूर्णा देवी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के विरोध के माध्यम से कांग्रेस अवैध घुसपैठियों के नाम हटाए जाने के मुद्दे पर भी राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम शामिल करने या हटाने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों और पात्रता के आधार पर होनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति की पात्रता का निर्धारण तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय विपक्ष को अपनी आपत्तियां प्रमाणों के साथ संबंधित प्राधिकार के समक्ष रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश कानून और संविधान से चलता है, किसी व्यक्ति की आशंका या राजनीतिक आरोपों के आधार पर नहीं। भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक संस्थाओं और कानून के शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है।
जनता के बीच जाकर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देगी भाजपा
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि ‘लोकतंत्र बचाओ-भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान के माध्यम से भाजपा जनता के बीच जाकर कांग्रेस की राजनीति और उसके आरोपों के बारे में तथ्यों के आधार पर जागरूकता फैलाएगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और देश की जनता किसी भी प्रकार के भ्रम तथा अराजकता की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। भारतीय जनता पार्टी देश की सुरक्षा, समृद्धि, विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता के सहयोग से विकसित भारत का संकल्प साकार होगा और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति विश्वास और मजबूत होगा।
प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह संवैधानिक संस्थाओं पर निराधार आरोप लगाने और भ्रम फैलाने के बजाय रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाए तथा देश के विकास में सकारात्मक योगदान दे।

