जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में वर्षों से लंबित विकास योजनाओं को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त राजीव रंजन ने शनिवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी और गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने या लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में जिला योजना, जिला विकास, ग्रामीण विकास, नीति आयोग तथा सांसद-विधायक मद से संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

2023-24 की योजनाएं भी लंबित, उपायुक्त ने जताई नाराजगी
समीक्षा के दौरान सामने आया कि सांसद और विधायक मद से वित्तीय वर्ष 2023-24 तथा उससे पहले स्वीकृत कुछ योजनाएं अब तक लंबित हैं।
इस पर उपायुक्त राजीव रंजन ने अप्रसन्नता जताते हुए संबंधित कार्यकारी एजेंसियों को लंबित योजनाओं का भौतिक सत्यापन कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का काम अधूरा है, उन्हें निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। यदि किसी कारण से कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है, तो संबंधित एजेंसी कारणों सहित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
सड़क, पुल-पुलिया से लेकर स्कूल और स्वास्थ्य केंद्रों तक की समीक्षा
बैठक में जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया।
इनमें प्रमुख रूप से निम्न कार्य शामिल रहे:
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ग्रामीण सड़कों, पीसीसी पथ और पहुंच पथ का निर्माण।
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पुल-पुलिया और कल्वर्ट निर्माण।
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सामुदायिक भवन और आंगनबाड़ी केंद्र भवन।
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पेयजल और जलापूर्ति व्यवस्था से संबंधित योजनाएं।
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विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष, शौचालय और रसोईघर निर्माण।
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स्वास्थ्य केंद्रों की आधारभूत संरचना का विकास।
उपायुक्त ने संबंधित विभागों से इन योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सिर्फ निर्माण नहीं, जनता तक समय पर पहुंचे योजनाओं का लाभ
उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य पूरा करना नहीं है, बल्कि उनका वास्तविक लाभ आम लोगों तक समय पर पहुंचाना है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वीकृत योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी करें। जिन कार्यों की गति धीमी है, उनमें देरी के कारणों की पहचान कर तत्काल समाधान निकाला जाए।
उन्होंने पूर्ण हो चुकी योजनाओं से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं को भी जल्द पूरा करने को कहा, ताकि जनता को उनका लाभ मिल सके।
निर्माण की गुणवत्ता जांचने खुद स्थल पर जाएं अधिकारी
उपायुक्त ने निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी केवल कार्यालय में बैठकर प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा न करें, बल्कि स्वयं निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच करें।
जहां कमियां पाई जाएं, उन्हें समय रहते दूर कराया जाए। निर्माण की गुणवत्ता, निर्धारित समयसीमा और कार्यकारी एजेंसियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना संबंधित पदाधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।
लापरवाही मिलने पर संवेदकों के खिलाफ होगी कार्रवाई
बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब, निर्धारित तकनीकी मानकों के उल्लंघन या लापरवाही की स्थिति में संबंधित संवेदकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने सभी विभागों को योजनाओं की नियमित समीक्षा और निगरानी को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी, एनईपी निदेशक राजेश कुमार, जिला योजना पदाधिकारी तथा एनआरईपी, विशेष प्रमंडल, भवन निर्माण विभाग, जिला परिषद और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

