जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया प्रखंड में मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जांच और निगरानी अभियान तेज कर दिया है। रविवार को सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) डुमरिया और मलेरिया प्रभावित गांवों का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सा पदाधिकारियों को मलेरिया के लक्षण वाले लोगों की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रखंड के सात गांवों में मलेरिया जांच एवं चिकित्सा शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में बुखार सहित मलेरिया के संदिग्ध लक्षण वाले लोगों की जांच की जा रही है।

गोजातोल, बकड़ा कोचा समेत सात गांवों में जांच शिविर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरिया के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनय भूषण तिवारी ने बताया कि रविवार को गोजातोल, बकड़ा कोचा, लांगो, बुरूडीह, रायसेन बेड़ा, फुलझारी और माड़ोतोलिया गांवों में मलेरिया जांच एवं चिकित्सा शिविर लगाए गए।
उन्होंने बताया कि इन गांवों में मलेरिया के लक्षण वाले लोगों की जांच की जा रही है, ताकि संभावित मरीजों की समय पर पहचान कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
बुखार और ठंड लगने पर मलेरिया जांच कराएं : डॉ. साहिर पाल
सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने लोगों से अपील की कि बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, ठंड लगना या उल्टी जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही नहीं बरतें।
उन्होंने कहा कि ऐसे लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर मलेरिया की जांच कराएं और तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें।
मलेरिया के लक्षण अन्य बीमारियों से भी मिलते-जुलते हो सकते हैं। इसलिए संक्रमण की पुष्टि के लिए जांच जरूरी है। समय पर पहचान और उचित उपचार से गंभीर जटिलताओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों से मिले सिविल सर्जन
डुमरिया दौरे के दौरान सिविल सर्जन ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में इलाजरत मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान डॉ. साहिर पाल ने मरीजों को मिल रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मलेरिया से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी
मलेरिया संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। इससे बचाव के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को कम करना और घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देना महत्वपूर्ण है।
स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रूप से बुखार और ठंड लगने की शिकायत होने पर जांच कराने तथा बिना चिकित्सकीय सलाह के मलेरिया की दवा नहीं लेने की सलाह दी है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरिया में निरीक्षण के दौरान डॉ. विनय भूषण तिवारी, डॉ. सुमित साहा, डॉ. सुजीत कुमार झा और बिमल मंडल उपस्थित थे।
स्वास्थ्य विभाग का जोर प्रभावित गांवों में संदिग्ध मरीजों की पहचान, समय पर जांच और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर है।

