Jamshedpur. टाटा स्टील के करीब 1900 कर्मचारियों को वेतन विसंगति के मामले में राहत मिलने जा रही है। कंपनी प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच हुई बातचीत के बाद पात्र कर्मचारियों को वेतन निर्धारण में हुए नुकसान की भरपाई व्यक्तिगत वेतन के रूप में करने पर सहमति बनी है। इससे कर्मचारियों को बकाया राशि मिलने के साथ भविष्य में मिलने वाले कुछ वित्तीय लाभों पर भी असर पड़ सकता है। वार्षिक वेतनवृद्धि की तारीख में बदलाव के कारण कुछ कर्मचारियों को संशोधित वेतन निर्धारण के समय अपेक्षाकृत कम लाभ मिला था। अब ऐसे कर्मचारियों को अंतर की राशि व्यक्तिगत वेतन के रूप में दी जाएगी। यह राशि उनकी पहले से निर्धारित वार्षिक वेतनवृद्धि की तारीख के आधार पर प्रभावी होगी। इस फैसले की खास बात यह है कि जिन कर्मचारियों को पहले ही वेतन निर्धारण का लाभ मिल चुका है, उनसे किसी तरह की कटौती नहीं की जाएगी। प्रबंधन और यूनियन के बीच सोमवार को हुई विसंगति समिति की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई।

इसके बाद यूनियन कार्यालय में पदाधिकारियों के साथ बैठक कर निर्णय की जानकारी दी गई। बैठक शाम करीब 5:30 बजे शुरू हुई और रात 8 बजे तक चली। इसमें वेतन विसंगति से प्रभावित कर्मचारियों के मामलों की समीक्षा की गई। यूनियन ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि कर्मचारियों को वेतन निर्धारण में हुए नुकसान की भरपाई मिलनी चाहिए। टाटा स्टील में जून में वेतन समझौता हुआ था। इससे पहले वेतन समझौते में करीब 19 महीने की देरी हुई थी। इस दौरान वार्षिक वेतनवृद्धि की तारीख में बदलाव और कर्मचारियों की वरिष्ठता के आधार पर इंक्रीमेंट की तारीख आगे बढ़ने से वेतन विसंगति का मामला सामने आया था।

पीएफ और ग्रेच्युटी की गणना पर असर
वेतन विसंगति के अंतर की राशि व्यक्तिगत वेतन के रूप में मिलने से कर्मचारियों के भविष्य के वित्तीय लाभों पर भी असर पड़ने की संभावना है। हालांकि, पीएफ, ग्रेच्युटी, वार्षिक बोनस, अवकाश नकदीकरण और टिस्को कर्मचारी पेंशन योजना के तहत मिलने वाले लाभों की गणना में इस राशि को किस तरह शामिल किया जाएगा, यह संबंधित नियमों और वेतन घटकों पर निर्भर करेगा। यूनियन की ओर से यह मुद्दा भी उठाया गया है कि अगले वेतन समझौते में व्यक्तिगत वेतन के रूप में दी गई राशि को मूल वेतन में जोड़ने पर विचार किया जाए। इससे भविष्य में वेतन निर्धारण की विसंगतियों को दूर करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय अगले वेतन समझौते में ही संभव होगा।
सेवानिवृत्ति के बाद चिकित्सा सुविधा
बैठक में एनएस ग्रेड के कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय भी लिया गया। इसके अलावा मकान किराये की कटौती के नियम पर भी चर्चा हुई। तय व्यवस्था के अनुसार, मूल वेतन से परिवर्तनशील महंगाई भत्ता घटाने के बाद बची राशि का छह प्रतिशत या आवास का निर्धारित किराया, दोनों में से जो कम होगा, उसी के आधार पर कटौती की जाएगी। वहीं, रजिस्टर्ड रिलेशन बैच-2022 और ट्रेड अप्रेंटिस बैच के कर्मचारियों के न्यूनतम गारंटी बेनिफिट से जुड़े वेतन संशोधन के दावों में प्रबंधन को कोई विसंगति नहीं मिली। हालांकि, यूनियन की मांग पर कर्मचारियों की ओर से उठाए गए अन्य मुद्दों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।

