जमशेदपुर। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) के प्रवेश पत्रों में व्यापक त्रुटियों और अभ्यर्थियों की शिकायतों के निस्तारण में अव्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया है।

डॉ. गोस्वामी ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अंग्रेजी विषय के अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र में सामाजिक अध्ययन की शिक्षक कोटि दर्ज कर दी गई, जबकि कई प्रवेश पत्रों से फोटो एवं हस्ताक्षर तक गायब हैं। त्रुटियां सुधरवाने के लिए अभ्यर्थियों को झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े। शिकायत के आवेदन जमा कराने में भी कठिनाई हुई और अभ्यर्थियों को आवेदन की प्राप्ति रसीद तक नहीं दी गई। परीक्षा 1 नवंबर को है परंतु एडमिट कार्ड आज तक दुरुस्त नहीं किया गया। ऐसी निकम्मी व्यवस्था के कारण भारी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा देने से वंचित रह जाएंगे।

डॉ. गोस्वामी ने सवाल उठाया कि जिस सरकार की व्यवस्था सही एडमिट कार्ड तक जारी नहीं कर सकती और अभ्यर्थियों की शिकायतों का समय पर समाधान नहीं कर सकती, वह निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा कराने का भरोसा कैसे दिलाएगी? यह प्रशासनिक निकम्मेपन और युवाओं के भविष्य के प्रति सरकार की गंभीर उदासीनता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार की अव्यवस्था का खामियाजा झारखंड के मेहनती युवाओं को नहीं भुगतने दिया जाना चाहिए। सरकार किसी भी पात्र अभ्यर्थी को प्रशासनिक त्रुटि के कारण परीक्षा अथवा भविष्य की शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया से वंचित नहीं होने देने की जिम्मेदारी तय करे।

