Gamahria. सरायकेला खरसावां जिले के एक पुलिस थाने में महिला से कथित दुष्कर्म के मामले में रविवार को एक पुलिस उपनिरीक्षक(एसआइ) और मुंशी का काम कर रहे एक आरक्षी को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसी के साथ इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या तीन हो गई है।

अधिकारियों ने बताया कि 29 अक्टूबर की रात हुई घटना के बाद, शनिवार को एक आरक्षी को गिरफ्तार किया गया था, जबकि गम्हरिया थाने के प्रभारी अधिकारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया गया है। उन्होंने बताया कि सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी के आदेश पर मामले की जांच के लिए 30 अक्टूबर को एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, शनिवार को सौंपी गई एसआईटी रिपोर्ट और पुलिस अधीक्षक के निर्देश के आधार पर, रविवार को निलंबित उपनिरीक्षक मनोज साहू और आरक्षी संतोष राय को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधीक्षक ने 31 अक्टूबर को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में गम्हरिया थाने के प्रभारी निरीक्षक संजय प्रसाद, उपनिरीक्षक मनोज साहू और अनिरुद्ध सिंह, हवलदार मुनेश्वर कुमार तथा आरक्षी संतोष राय को निलंबित कर दिया था।
बयान के मुताबिक पुलिस अधीक्षक ने रविवार को ड्यूटी में लापरवाही, सतर्कता की कमी और पुलिस की छवि खराब करने के आरोप में उपनिरीक्षक अजय पासवान और ललन रविदास, सहायक उपनिरीक्षक विशु उरांव, मुकेश कुजूर, मुकेश रविदास, सीताराम सिंह पाहन, हवलदार पीतांबर महतो, बहादुर हांसदा और आरक्षी मनोज गोराई को निलंबित कर दिया। बयान के मुताबिक शनिवार को गिरफ्तार किए गए आरक्षी को स्थानीय अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पीड़िता ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि बृहस्पतिवार शाम को उसका पति के साथ झगड़ा हो गया था और वह घर से निकल गई, क्योंकि उसे डर था कि कहीं उसकी पिटाई न हो जाए।
पुलिस ने महिला के हवाले से बताया कि वह एक पड़ोसी के घर गई और अपने मोबाइल फोन से पुलिस से संपर्क किया। उस रात एक पीसीआर वैन घर पहुंची और महिला को थाने ले आई। बयान के अनुसार, ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों ने उसे आराम करने के लिए पुलिस थाने में एक कमरा दिया। जब वह उस कमरे में थी, तब थाने में उस समय वायरलेस ऑपरेट के पद तैनात मुख्य आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया।

