



आदित्यपुर। सामाजिक संगठन जन कल्याण मोर्चा आदित्यपुर एवं आदित्यपुर अधिवक्ता संघ की पूर्व निर्धारित संयुक्त बैठक रविवार को आदित्यपुर-2 स्थित कार्यालय में अध्यक्ष अधिवक्ता ओम प्रकाश की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक का संचालन अधिवक्ता सुनील कुमार स्वाईं ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता डी.एन. ओझा ने किया। बैठक में आदित्यपुर की पेयजल व्यवस्था, अधूरी विकास योजनाओं, जर्जर सड़कों और नगर निगम की सीवेज व्यवस्था समेत कई जनहित के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।
31 जुलाई तक मिला अंतिम समय, फिर तय होगी आंदोलन की रणनीति
बैठक में सर्वसम्मति से कहा गया कि सीतारामपुर स्थित 30 MLD वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट को 15 जुलाई 2026 तक चालू करने का वादा पूरा नहीं होने पर जुडको एवं जिंदल की वादाखिलाफी की कड़ी निंदा की जाती है। हालांकि संस्था ने सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वयं संज्ञान लेने और संबंधित एजेंसी को 31 जुलाई 2026 तक हर हाल में प्लांट चालू करने का निर्देश देने की सराहना की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 31 जुलाई तक संगठन कोई आंदोलनात्मक कार्यक्रम नहीं करेगा। यदि निर्धारित समय तक प्लांट चालू नहीं हुआ तो उपायुक्त से मुलाकात कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
60 MLD प्लांट, जलापूर्ति और सीवेज व्यवस्था पर उठे सवाल
बैठक में मांग की गई कि सापड़ा स्थित 60 MLD वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण तेजी से पूरा कराया जाए। साथ ही अधूरी पानी टंकियों का निर्माण, घर-घर जल कनेक्शन और आदित्यपुर-1 क्षेत्र में दिसंबर 2026 तक नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त एवं नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
संगठन ने आदित्यपुर नगर निगम की अधूरी सीवेज परियोजना पर भी चिंता जताई। कहा गया कि कई स्थानों पर गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निगम से तत्काल सीवेज सिस्टम दुरुस्त करने की मांग की गई।
जर्जर टोल सड़क और नाम परिवर्तन की भी उठी मांग
बैठक में आदित्यपुर-कांडरा, कांडरा-सरायकेला, कांडरा-चांडिल और कांडरा-चौका टोल सड़कों की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई गई। संगठन ने कहा कि सड़कें जर्जर होने के बावजूद टोल टैक्स वसूला जा रहा है, जबकि लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। सरकार से इन मार्गों पर तत्काल टोल टैक्स बंद करने की मांग की गई।
इसके अलावा बैठक में NIT Jamshedpur का नाम बदलकर NIT Adityapur तथा आकाशवाणी जमशेदपुर का नाम बदलकर आकाशवाणी आदित्यपुर करने की भी मांग उठाई गई। संगठन का तर्क है कि दोनों संस्थान भौगोलिक रूप से आदित्यपुर क्षेत्र से जुड़े हैं और एशिया के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र के रूप में आदित्यपुर की अलग पहचान है।
बैठक में लिली दास, मनोज पासवान, नीतू शर्मा, सुधीर चौधरी, विनोद कुमार, आशुतोष कुमार, मनोज कुमार दुबे, अजय कुमार सिंह, ऋषिकांत, अजय कुमार द्विवेदी, सच्चिदानंद सिंह, संतोष कुमार, शशांक गांगुली, राजीव कुमार, अमरेश कुमार सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता उपस्थित रहे।


