


आदित्यपुर। राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के माध्यम से 27 अगस्त को श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन, आदित्यपुर में ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और खिलाड़ियों को खेल विकास, युवा सहभागिता और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ना रहा।
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर देशभर में युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी कड़ी में श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन में आयोजित कार्यक्रम में पूर्वी सिंहभूम के सांसद विद्युत वरण महतो तथा द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता और प्रसिद्ध आर्चरी प्रशिक्षक पूर्णिमा महतो शामिल हुईं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने देशभर में 1600 से अधिक स्थानों पर मौजूद 8 लाख से अधिक युवाओं को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, सांसद और मंत्री भी कार्यक्रम से जुड़े।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को याद किया। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी की सफलता केवल उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती, बल्कि इससे उसके परिवार, स्कूल, जिले और राज्य का भी गौरव बढ़ता है। किसी खिलाड़ी के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होने के बाद दुनिया में उसके शहर और क्षेत्र को देखने का नजरिया भी बदलता है।
उन्होंने युवाओं और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि देश के अलग-अलग जिलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को तलाशने की जरूरत है। यदि भारत को 2036 ओलंपिक की तैयारी करनी है तो खिलाड़ियों को अभी से तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि खेलों को सरकार की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा और खेलों के प्रति सरकार की गंभीरता ‘खेलो इंडिया संवाद’ जैसे कार्यक्रमों से स्पष्ट होती है।
प्रधानमंत्री ने युवा संवाद को नए विचारों के लिए महत्वपूर्ण मंच बताते हुए युवाओं से इसका अधिक से अधिक सार्थक उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नए विचारों को सामने आने देना विकसित भारत के लिए आवश्यक है। साथ ही उन्होंने खेलों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि खेल केवल चैंपियन बनना नहीं सिखाता, बल्कि गिरने के बाद दोबारा उठकर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है।
चार प्रमुख विषयों पर हुआ युवा संवाद
कार्यक्रम के दौरान युवा संवाद में चार प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई। इनमें खेल इकोसिस्टम को मजबूत करना, 2036 ओलंपिक के लिए प्रतिभाओं का विकास, युवा नेतृत्व एवं शासन में युवाओं की भागीदारी तथा विकसित भारत के लिए युवा सशक्तिकरण शामिल रहे।
कार्यक्रम में श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन की प्राचार्या डॉ. मौसुमी महतो, एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी मधु शर्मा, सभी सहायक प्राध्यापक, बड़ी संख्या में विद्यार्थी तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के वॉलंटियर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को खेलों के प्रति जागरूक करने के साथ देश के खेल इकोसिस्टम को मजबूत करने में युवाओं की भूमिका पर भी जोर दिया गया।


