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Air Ambulance: एयर एंबुलेंस के लिए जल्द निकाली जायेगी निविदा, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू बोले, हादसे की जिम्मेदारी डीजीसीए और केंद्र सरकार की

Ranchi. चतरा के सिमरिया में एयर एंबुलेंस दुर्घटना को लेकर शहरी विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने डीजीसीए द्वारा रेडबर्ड कंपनी की उड़ान पर राेक लगाये जाने पर शुक्रवार को विधानसभा परिसर में प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जल्द ही इसके लिए निविदा निकाली जायेगी और दूसरी कंपनी से समझौता किया जायेगा. लोगों को बेहतर सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों से संपर्क कर सुविधा के साथ सब्सिडी मुहैया करायी जायेगी. मंत्री ने कहा कि ऐसा लगता है कि राज्य में भाजपा नेताओं के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है. इसलिए एक हादसे की आड़ में भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी अनर्गल बयान दे रहे हैं.
सुदिव्य कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 2023 में जनता के हित में सब्सिडी वाली एयर एंबुलेंस सेवा शुरू की थी. बहुत से लोगों ने जरूरत के समय इस सेवा का फायदा भी उठाया है. उन्होंने कहा कि एयर एंबुलेंस हादसे की जिम्मेदारी डीजीसीए और केंद्र सरकार की है. डीजीसीए की अनुमति के बाद ही राज्य सरकार ने रेड बर्ड के साथ समझौता किया था.
एयर एंबुलेंस हादसे मामले में हेमंत सरकार जनता को बरगला रही, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल ने लगाये आरोप, रेड बर्ड कंपनी पर उठाये सवाल
रांची. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार एयर एंबुलेंस मामले में जनता को बरगला रही है. जनता के सामने झूठ परोस रही है. सवाल करने पर सत्ता पक्ष के मंत्री कहते हैं कि विपक्ष राजनीति कर रहा है. अगर इस घटना में डीजीसीए की कोई गड़बड़ी होगी, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी. उक्त बातें उन्होंने शुक्रवार को विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही.
उन्होंने कहा कि एयर एंबुलेंस मामले में सरकार को यह जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए कि 2023 से चल रही इस योजना से कितने मरीजों को लाभ हुआ है, कितने लोगों को सब्सिडी मिली है. कितने लोगों को किन-किन शहरों में ले जाया गया और लाया गया. इस पूरी योजना के लिए सरकार ने अब तक कितनी सब्सिडी दी है और रेड बर्ड को इस योजना के लिए कैसे चुना गया. उन्होंने पूछा कि सरकार ने कैसे जले हुए मरीज को यह कहकर दिल्ली ले जाने से मना कर दिया कि वह 60 प्रतिशत से अधिक जला हुआ है. वहीं, रेड बर्ड कंपनी परिवार से आठ लाख रुपये लेकर कैसे दिल्ली ले जाने के लिए राजी हो गयी.
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