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जमशेदपुर में यातायात पुलिस की कार्यशैली पर भड़की आजसू पार्टी, सौंपा गया मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन

जमशेदपुर : आजसू पार्टी, पूर्वी सिंहभूम जिला समिति ने शुक्रवार को शहर भर में चलाए गए हस्ताक्षर युक्त जनमत अभियान के माध्यम से आम जनता की आवाज़ को राज्य सरकार तक पहुंचाया। इस अभियान का नेतृत्व जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह ने किया और उपायुक्त के माध्यम से झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ज्ञापन सौंपा गया।

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आजसू पार्टी ने आरोप लगाया कि पिछले दो माह से जमशेदपुर में यातायात पुलिस की कार्यशैली आम नागरिकों के लिए उत्पीड़न का कारण बन गई है। वाहन जांच के नाम पर की जा रही कार्रवाई को भयादोहन और जबरन वसूली करार देते हुए पार्टी ने इसे “अपराधियों से भी बदतर व्यवहार” बताया।

पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस ने कहा कि हर चौक-चौराहे पर यातायात पुलिस द्वारा आम लोगों के साथ अभद्रता की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं जिनमें गंभीर परिणाम सामने आए—एक प्रसूता महिला को अस्पताल ले जाते समय रोका गया, जिससे सड़क पर ही प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। एक बच्ची परीक्षा से वंचित रह गई, तो कई लोग दुर्घटनाग्रस्त होकर घायल हो गए।

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ज्ञापन में आजसू पार्टी ने निम्नलिखित 6 प्रमुख मांगें सरकार के समक्ष रखीं:

  1. वाहन जांच के नाम पर आम जनता का भयादोहन बंद किया जाए।

  2. अन्य राज्यों की तरह कैमरे की निगरानी में जांच हो और ऑनलाइन चालान की व्यवस्था लागू की जाए।

  3. नो-एंट्री के समय बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद हो।

  4. जांच के दौरान महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को रियायत दी जाए।

  5. केवल वाहन जांच ही नहीं, बल्कि अन्य अपराधों पर भी कार्रवाई की जाए।

  6. शहर में बढ़ रहे अवैध धंधों (जुआ, मटका, ब्राउन शुगर, नशा आदि) पर सख्त रोक लगे।

आजसू ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही सुधार नहीं हुआ तो पार्टी कड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे जिनमें प्रमुख नाम कन्हैया सिंह, संजय मलाकार, ललन झा, अप्पू तिवारी, अजय सिंह बब्बू, शैलेन्द्र सिन्हा, मंगल टुडू, विमल मौर्य, सुनीता अग्रवाल, ललित सिंह समेत सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे।

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