
New Delhi. एशिया कप में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ रविवार को भारत का मुकाबला है. भारतीय समयानुसार मैच रात आठ बजे शुरू होगा. दिलचस्प बात यह है कि पिछले कुछ महीनों में सीमा पर बढ़े तनाव के बावजूद इस मुकाबले को लेकर किसी तरह की ‘हाइप’ नहीं है. चार महीने बाद भारत में टी-20 विश्व कप को देखते हुए मुकाबला महत्वपूर्ण है, लेकिन कई साल में पहली बार भारत और पाकिस्तान के बीच होनेवाले क्रिकेट मैच में उस तरह के उत्साह का अभाव है, जो दोनों देशों के बीच मैच में अक्सर होता है, जबकि यह रविवार को खेला जा रहा है. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 पर्यटक मारे गये थे, जिससे हाल में दोनों देशों के बीच संबंधों में कड़वाहट भर गयी. इसके बाद हुए सैन्य अभियान और जनता के गुस्से ने महाद्वीपीय क्रिकेट के इस सबसे ‘हाई-प्रोफाइल’ मैच की तैयारी को बहुत फीका बना दिया.
मैच के हजारों टिकट अब भी उपलब्ध हैं और शुक्रवार को भारत के अभ्यास सत्र में बहुत कम दर्शक पहुंचे. मैच को लेकर पहले की तरह उत्साह भी गायब है. सोशल मीडिया पर अपील की जा रही हैं कि भारत इस मैच का बहिष्कार करे, जिससे कोई नहीं जानता कि कितने बीसीसीआइ अधिकारी रविवार को मैच देखने पहुंचेंगे, वर्ना दोनों देशों के बीच मैच के दौरान बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद रहते थे.
भारत सरकार ने बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में राष्ट्रीय टीम को अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ मैच खेलने की अनुमति दी है, लेकिन द्विपक्षीय स्तर पर ऐसा नहीं होगा. दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने राजनीति से जुड़े मीडिया के किसी भी सवाल को सिरे से खारिज कर दिया
