
रांची. झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बुधवार को आरोप लगाया कि सीआईडी जरूरत से ज्यादा सक्रिय होकर व्यक्तिगत हित साधने और उगाही का हथियार बन रहा है. मरांडी ने सीएम से अपील की कि वे अन्य सूत्रों से सीआईडी की गतिविधियों पर नजर रखें, ताकि विभाग की छवि और सरकार की साख बचे.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सीएम आंखें मूंदे रहे, तो यह उनके लिए परेशानी का सबब बन सकता है. मरांडी ने इसे बिना मांगी सलाह बताते हुए सरकार को सतर्क रहने को कहा. उन्होंने झारखंड को आतंकी गतिविधियों की शरणस्थली बनने का दावा किया.
उन्होंने हाल की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि गुजरात एटीएस ने बेंगलुरु से कोडरमा की शमा परवीन को गिरफ्तार किया, जो अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट से जुड़ी थी और इंटरनेट मीडिया के जरिए आतंकी विचारधारा का प्रचार कर रही थी. रांची, जमशेदपुर, लोहरदगा और हजारीबाग जैसे जिलों से भी आतंकी गतिविधियों की खबरें आ रही हैं.
उन्होंने मुख्यमंत्री से पुलिस को निर्देश देने की मांग की कि आतंकी नेटवर्क को चिह्नित कर सख्त कार्रवाई की जाए. भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता अजय साह ने सरकार पर आदिवासी छात्रों की कोचिंग योजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया. उन्होंने अनुसूचित जनजाति शिक्षण उत्थान कार्यक्रम के तहत टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाए, जिसमें 300 छात्रों को नीट और आईआईटी-जेईई की कोचिंग दी जानी है.
दावा किया कि टेंडर खुलने से पहले ही फिजिक्स वाला का नाम घोषित करना प्रक्रिया की निष्पक्षता को संदिग्ध बनाता है. उन्होंने इसे शराब घोटाले जैसा सुनियोजित खेल बताया, जिसमें परिणाम पहले से तय होते हैं. भाजपा ने टेंडर पर रोक और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
हर चीज में संदेह, इनका इतिहास घोटालों से भरा- जेएमएम
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के बयानों को भ्रामक और राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित करार देते हुए तीखा पलटवार किया. उन्होंने कहा कि सत्ता नहीं मिलने के कारण भाजपा के सारे नेता बौखला गए हैं. भाजपा हर सरकारी योजना में साजिश देखने की आदी है, क्योंकि उनका इतिहास घोटालों से भरा है.
मरांडी के सीआईडी पर सवाल उठाने पर विनोद पांडेय ने कहा कि वर्तमान सरकार ने सीआईडी और खुफिया एजेंसियों को अपराध, रंगदारी और संगठित नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के लिए पूरी स्वतंत्रता दी है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को यह बर्दाश्त नहीं हो रहा कि तंत्र अब उनके इशारों पर नहीं चलता.
विनोद पांडेय ने भाजपा के कोचिंग योजना पर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी है और अभी कोई चयन नहीं हुआ. उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा को आदिवासी, अल्पसंख्यक, दलित और गरीब छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण कोचिंग से क्यों आपत्ति है. यह योजना जरूरतमंद बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए है. आतंकी नेटवर्क के मुद्दे पर विनोद पांडेय ने भाजपा पर संवेदनशील विषय पर राजनीति करने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय में काम कर रही है. किसी भी संलिप्त व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी. भाजपा आतंक जैसे गंभीर मुद्दे पर राजनीतिक रोटियां क्यों सेंक रही है? कहा कि भाजपा को जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए, न कि झूठ और अफवाह फैलाकर जनता को गुमराह करना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि जनता भाजपा की मंशा समझ रही है और उसे इसका जवाब मिलता रहेगा.
