
New Delhi. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने कहा है कि वे 28 सितंबर से शुरू होने वाली तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल की ओर आगे बढ़ेंगे, क्योंकि उप-मुख्य श्रम आयुक्त के सामने हुई सुलह बैठक बेनतीजा रही। यह सुलह बैठक वित्त मंत्रालय द्वारा बैंक कर्मचारियों से हड़ताल न करने और बातचीत के जरिये अपनी बाकी मुद्दों को सुलझाने की अपील करने के एक दिन बाद हुई। यूएफबीयू, जो बैंकिंग कर्मचारियों के 90 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है, मुख्य रूप से अन्य मांगों के साथ-साथ 5-दिन की बैंकिंग सेवा की मांग कर रहा है। अगर यह हड़ताल होती है, तो बैंकिंग सेवाओं पर पांच दिन तक असर पड़ सकता है क्योंकि 28 सितंबर से पहले सप्ताहांत पर छुट्टी है। यह बैंकिंग क्षेत्र की छमाही ‘क्लोजिंग’ का समय भी होगा।
उप-मुख्य श्रम आयुक्त के साथ बैठक के बाद यूएफबीयू ने एक बयान में कहा, ‘‘वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस), इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और बैंक प्रबंधन की हड़ताल टालने की अपील का जवाब देते हुए, हमने उन्हें बताया कि अगर पांच-दिन के कामकाज की हमारी मांग को लागू करने की दिशा में कोई ठोस और सकारात्मक प्रगति होती है, तो यूएफबीयू उस पर विचार करेगा।’’
बयान में कहा गया कि ऐसा न होने पर, यूएफबीयू 28, 29 और 30 सितंबर को प्रस्तावित हड़ताल पर आगे बढ़ने के लिए मजबूर होगा। यूएफबीयू के तहत बैंक यूनियनें अपनी मांग को लेकर 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल पर गई थीं।
