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BIG ‘Corruption’: बिहार के जिला शिक्षा अधिकारी के घर अकूत संपत्ति, कई ठिकानों पर बोरे में भरकर रखे थे नोट, रुपये की गिनती के लिए मंगानी पड़ी मशीनें

Patna.स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसवीयू) ने गुरुवार को पश्चिम चंपारण के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीइओ) रजनीकांत प्रवीण के बेतिया, मधुबनी, दरभंगा और समस्तीपुर के पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. इस छापेमारी में डीइओ के ठिकानों से करोड़ों रुपये नकद के अतिरिक्त करीब तीन करोड़ रुपये की अचल संपत्ति का पता लगा है. डीइओ के बेतिया स्थित आवास से 64 लाख नगद मिले हैं. वहीं, दरभंगा स्थित उनकी पत्नी के आवास पर बोरों में बंद मिले नोटों की गिनती देर शाम तक जारी रही. एसवीयू ने बताया कि एक करोड़ रुपये से अधिक के नोटों की गिनती पूरी हो चुकी है.

नोट गिनने के लिए दो मशीनों के साथ ही स्थानीय बैंक शाखाओं के कर्मियों की भी सेवा ली जा रही है. छापेमारी की कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग ने डीइओ को निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय पूर्णिया निर्धारित कर दिया है. नालंदा जिले के मूल निवासी रजनी कांत प्रवीण ने 2005 में शिक्षा विभाग में योगदान दिया था.

विशेष निगरानी इकाई के मुताबिक बेतिया आवास से 60 लाख नकद के साथ ही 40 लाख रुपये के भूखंड के कागजात मिले हैं. वहीं, दरभंगा में उनकी पत्नी सुषमा कुमारी के आवास पर मिली नकदी में से एक करोड़ रुपये के नोटों की गिनती पूरी हो गयी है. गिनती देर रात तक चलने की उम्मीद है. यहां पर भी नकदी के साथ लगभग 50 लाख रुपये के भूखंड के कागजात मिले हैं.

देर शाम तक एसवीयू की जांच में रजनी कांत प्रवीण की पत्नी सुषमा कुमारी के नाम पर पटना के सादिकपुर में आवासीय जमीन, हनुमान नगर में आवासीय फ्लैट, दरभंगा में पत्नी के नाम पर 48 डिसमिल कृषि योग्य भूमि, दरभंगा में ही पत्नी के नाम पर 09 डिसमिल आवासीय, पटना के शेखपुरा में छह डिसमिल में पत्नी के नाम पर बना मकान, मधुबनी के नरपति नगर में 15.26 डिसमिल व्यवसायिक भूमि और मुसहरी ब्लॉक मुजफ्फरपुर के मथुरापुर मुहल्ला में 1 कट्ठा 9 धुर जमीन का पता चला है.

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