
patna. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नवनिर्वाचित विधायकों ने सोमवार को सर्वसम्मति से तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुन लिया. विधानसभा चुनाव में राजद 143 सीट पर मैदान में थी लेकिन 25 सीट पर ही जीत दर्ज कर पाई. राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह ने बताया नवनिर्वाचित विधायकों ने सर्वसम्मति से तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुना. बैठक में पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, मीसा भारती और जगदानंद सिंह सहित पार्टी के शीर्ष नेता मौजूद थे. हाल में संपन्न हुए चुनावों में महागठबंधन की ओर से तेजस्वी मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार थे. उन्होंने शीर्ष नेताओं और विधायकों के साथ चुनाव में अप्रत्याशित हार के कारणों की विस्तृत समीक्षा की. बैठक में आए विधायकों और प्रत्याशियों ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) पर कई आरोप लगाए.
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सोमवार को दावा किया कि चुनाव नतीजे जनता की वास्तविक इच्छा का प्रतिबिंब नहीं हैं और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए अदालत का रुख करने का संकेत दिया. राजद के नेतृत्व वाला पूरा विपक्ष इस बार भारी पराजय का सामना कर रहा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेतृत्व वाले राजग ने 243 सदस्यीय विधानसभा में 202 सीट जीतकर सत्ता में वापसी की है.
राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह ने कहा, बिहार चुनाव का जनादेश जमीन की वास्तविकता से मेल नहीं खाता। जनता में सरकार के प्रति नाराजगी के बावजूद ऐसा परिणाम आया है। लोग और नेता दोनों इसे पचा नहीं पा रहे हैं. उन्होंने बताया कि सभी राजद प्रत्याशी समीक्षा बैठक में मौजूद थे, जहां एक उम्मीदवार ने अदालत का रुख करने का सुझाव दिया. राजद के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने आरोप लगाया कि हर ईवीएम में मतदान शुरू होने से पहले ही 25,000 वोट थे…. इसके बावजूद हम केवल 25 सीट जीत पाए. इससे समझिए कि देश किस दिशा में जा रहा है. क्या लोकतंत्र कोई सौदा है? लोकतंत्र संविधान की संस्थागत व्यवस्था है, और ये (राजग) संविधान से खिलवाड़ कर रहे हैं.
मटिहानी से राजद विधायक बोगो सिंह ने दावा किया कि मतदान के दौरान 10-10 हजार रुपये बांटे गए और जीविका दीदियों के वोट खरीदे गए.
तेजस्वी के करीबी संजय यादव के खिलाफ नारेबाजी
इधर, राजद कार्यकर्ताओं ने तेजस्वी यादव के करीबी माने जाने वाले पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय यादव के खिलाफ नारेबाजी की. बैठक में यादव, उनके पिता एवं राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे. चुनावी हार के साथ-साथ पार्टी को संस्थापक लालू प्रसाद के परिवार में बढ़ती कलह से भी दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.
लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने रविवार को आरोप लगाया कि “गंदा किडनी” दान करने के एवज में उन्हें रुपये और टिकट का लालच दिए जाने की बात कहकर अपमानित किया गया. सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि उन्हें “अनाथ बना दिया गया”, और विवाहित महिलाओं को सलाह दी कि अगर पिता का बेटा हो, तो पिता को बचाने की गलती न करें.” रोहिणी ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट कर कहा था कि वह राजनीति और परिवार से नाता तोड़ रही हैं. उन्होंने राजद की चुनावी हार का जिम्मेदार अपने भाई तेजस्वी यादव के करीबी सहयोगियों हरियाणा से ताल्लुक रखने वाले राजद सांसद संजय यादव और उत्तर प्रदेश के एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले रमीज, को जिम्मेदार ठहराया था.