


Seraikella-kharsawan:अनुसूचित जनजाति आवासीय उच्च विद्यालय, संजय सरायकेला के शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के चलते विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है।
हड़ताल पर बैठे शिक्षक-शिक्षिकाओं का कहना है कि वे पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से मात्र ₹200 प्रति घंटा की दर से कार्य कर रहे हैं। एक दिन में केवल 4 घंटे का ही भुगतान मिलने के कारण उनकी मासिक आय बेहद कम रह जाती है। बढ़ती महंगाई के बीच इतनी कम आय में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
शिक्षकों ने यह भी बताया कि वे अपने अधिकारों को लेकर उच्च न्यायालय में जीत हासिल कर चुके हैं, इसके बावजूद कल्याण विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे शिक्षकों में भारी नाराजगी है।
गौरतलब है कि इन अंशकालीन शिक्षकों के प्रयास से विद्यालय पिछले 10 वर्षों से लगातार 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम देता आ रहा है। विद्यालय में कक्षा 1 से 10 तक की पढ़ाई होती है, लेकिन वर्तमान में केवल एक ही स्थायी शिक्षक कार्यरत हैं।
शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर कल्याण विभाग के मुख्य सचिव को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है।
हड़ताली शिक्षकों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द स्थायी किया जाए और उचित वेतनमान दिया जाए, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी।



